'मुसलमान भी भगवान का सम्मान करते हैं, तभी अयोध्या में मंदिर बना और हिंदूओं ने...', चढ़ावा चोरी मामले पर बोले इकबाल अंसारी, CM योगी से की अपील
राम मंदिर के लिए दिए गए दान में हेराफेरी के मामले पर बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है।
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जिम्मा सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) को सौंपा है। तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद इनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। मुख्यमंत्री योगी शुरूआत से कहते आ रहे हैं कि सनातन से खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी दोषी होंगे उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे विवाद पर बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया आई है।
राम मंदिर के लिए दिए गए दान में हेराफेरी के मामले पर, बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने कहा, "अयोध्या की जमीन को पवित्र माना जाता है। यहां भगवान के साथ जो हुआ, वैसा दुनिया में कहीं और नहीं हुआ होगा। अयोध्या में लोग भगवान राम की मूर्ति से हार (माला) उतार ले गए। यह बहुत शर्मनाक बात है। मेरे पिता ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी और मैंने भी इसे जारी रखा।"
चढ़ावा चोरी पर क्या बोले इंकबाल अंसारी?
इकबाल अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, "जब फैसला भगवान राम के पक्ष में आया, तो मैंने पूरे भारत के मुसलमानों को सलाह दी कि वे हिंदू आस्था का सम्मान करें और मंदिर बनने दें। मैंने उनसे कहा कि इससे सभी को फायदा होगा, क्योंकि सभी मुसलमान भी भगवान का सम्मान करते हैं।। जिन लोगों को यह काम सौंपा गया था, उन्होंने हार और पवित्र खड़ाऊं तक चुरा लीं। मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।"
जांच में कई और नाम आ सकते हैं सामने
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले की जांच का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक इस पूरे मामले में एक और FIR दर्ज कराई जा सकती है। SIT इस बार साजिश रचने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाएगी। बताया जा रहा है कि इस एफआईआर में कुछ बड़े नाम हो सकते हैं।