BIG BREAKING: लालू परिवार की बढ़ी मुश्किलें, लैंड फॉर जॉब स्कैम में आरोप तय, राबड़ी-तेजस्वी भी फंसे

Lalu Yadav and Family: लालू यादव का परिवार एक बार फिर मुश्किलों में है। लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में लालू परिवार पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय हुए।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Lalu Yadav- Tejashwi Yadav
Lalu Yadav- Tejashwi Yadav | Image: social media

Land for Job Scam: जमीन के बदले नौकरी घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार, 9 जनवरी को कोर्ट का मामले पर बड़ा फैसला आया। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार के खिलाफ मामले में आरोप तय दिए हैं। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने 52 आरोपियों को बरी भी किया है।

41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय

लैंड फॉर जॉब स्कैम में कोर्ट ने लालू यादव समेत 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। वहीं, मामले में कोर्ट ने 52 आरोपियों को बरी भी किया। चार्जशीट के मुताबिक इनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले। 

29 जनवरी को अगली सुनवाई

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 29 जनवरी को आरोप तय करने के लिए मामले को लिस्ट किया है। अगली तारीख पर, कोर्ट आरोपियों के कबूलनामे या इनकार को रिकॉर्ड करेगा। वकील एजाज अहमद ने कहा, "CBI कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ सेक्शन 420, 120B और 13 IPC के तहत आरोप तय किए हैं... औपचारिक आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे।"

कोर्ट ने क्या कहा? 

कोर्ट ने कहा कि मामले में लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य एक आपराधिक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और एक व्यापक साजिश में शामिल थे। वो संपत्तियों को हासिल करने के लिए सार्वजनिक रोजगार को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।

Advertisement

अदालत ने माना कि चार्जशीट से पता चलता है कि लालू यादव के करीबी सहयोगियों ने रेलवे में नौकरियों और देश भर में नियुक्तियों के बदले जमीन अधिग्रहण में मदद की। अदालत ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों की बरी किए जाने की याचिका पूरी तरह से निराधार है। 

क्या है लैंड फॉर जॉब केस?

यह मामला 2004-09 के बीच का है, जब यूपीए सरकार में लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। इसमें नौकरी के बदले जमीन को लेने का आरोप लगाया गया है। आरोप ये भी है कि जो भी जमीनें ली गई वो लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के नाम पर ली गईं । लालू यादव पर आरोप हैं कि उन्होंने रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप डी की नौकरी के बदले लोगों से जमीन ली थी।

Advertisement

रेलवे में हुई भर्तियों के लिए कोई भी नोटिस या विज्ञापन जारी नहीं किया गया था और पटना के लोगों को अलग-अलग जोनल में सब्स्टिट्यूट के तौर पर नियुक्त किया गया। सीबीआई की मानें तो इस घोटाले में 1,05,292 फुट जमीन लालू यादव के परिवार ने ली थी। 

यह भी पढ़ें: कोलकाता में ED के छापों पर दिल्ली तक बवाल, TMC का अमित शाह के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन, हिरासत में महुआ मोइत्रा समेत 8 सांसद

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड