Chamoli Avalanche: 3 दिन बाद बर्फ से 1 और शव मिला, चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.. तीन अब भी लापता
उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे के बाद माणा में रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी है जिसमें एक और मजदूर का शव बर्फ से निकाला गया है।
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Chamoli Avalanche: उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे के बाद माणा में रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी है जिसमें एक और मजदूर का शव बर्फ से निकाला गया है। अब तक बर्फ में दबे 54 मजदूरों में से 51 को बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन इनमें से 4 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था, कुल 5 मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं अभी भी 3 मजदूर बर्फ के नीचे फंसे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन और बचाव दल तेजी से ऑपरेशन को पूरा करने में जुटे हैं।
पहले लापता मजदूरों की संख्या 55 बताई गई थी, लेकिन शुक्रवार को पता चला कि हिमाचल के कांगड़ा का रहने वाला सुनील कुमार बिना बताए कैंप से अपने गांव चला गया था। परिवार ने इसकी जानकारी दी। रविवार को मौसम ठीक होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन जल्द शुरू हुआ। ड्रोन, रडार सिस्टम, स्निफर डॉग, विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेज कैमरा से सर्चिंग की जा रही है। 7 हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं।
लापता 3 मजदूरों की तलाश तेज
आर्मी और वायुसेना के अलावा ITBP, BRO, SDRF और NDRF के 200 से ज्यादा जवान भी घटनास्थल पर बर्फ की मैनुअल खुदाई कर लापता 3 मजदूरों की तलाश में लगे हुए हैं। हादसा चमोली के माणा गांव में 28 फरवरी की सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर हुआ, मोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के मजदूर कंटेनर हाउस में रुके थे, तभी बर्फ का पहाड़ खिसक गया। सभी मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
बर्फ में कितनी देर तक रहा जा सकता है जिंदा ?
बर्फ में दबे मजदूर कितनी देर तक जिंदा रह सकते हैं इसको लेकर चीफ कंसलटेंट सर्जन राजीव शर्मा ने बताया कि बर्फ में दबे होने से सफोकेशन के कारण मौत होती है। हाइपोथर्मिया फ्रैक्चर भी मौत का कारण बनता है। ज्यादा देर तक बर्फ में दबे रहने से जान जा सकती है। वहीं, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में कई बार रुकावटें आ रही हैं। हालांकि, रविवार को मौसम ठीक होते ही बचाव कार्य में तेजी आई है। प्रशासन का कहना है कि लापता मजदूरों को जल्द से जल्द खोजने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। रेस्क्यू टीमों को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी मजदूरों को भी खोज लिया जाएगा। पूरे इलाके में सुरक्षा और राहत कार्य के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।