Mahakumbh 2025: महाकुंभ में स्टॉल लगाकर करोड़ों की कमाई... चौंकिए मत, एक दिन में बेच डाली 1 लाख कप चाय

चाय प्वाइंट मशहूर चाय कैफे चेन है। चाय प्वाइंट के सह-संस्थापक तरुण खन्ना ने बताया कि शेयर बाजार में ये अपनी जगह बनाने की तैयारी में जुटा है।

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महाकुंभ में स्टॉल लगाकर करोड़ों की कमाई... चौंकिए मत, एक दिन में बेच डाली 1 लाख कप चाय | Image: AI

प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान चाय प्वाइंट को भी जोरदार सफलता मिली है। कंपनी ने महाकुंभ मेले में अपने सीमित स्टोर्स के जरिए एक दिन में ही एक लाख कप से ज्यादा चाय बेचने का रिकॉर्ड बना दिया। इस जोरदार बिक्री के बाद इसकी ब्रांड लोकप्रियता में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। चाय प्वाइंट मशहूर चाय कैफे चेन है। चाय प्वाइंट के सह-संस्थापक तरुण खन्ना ने बताया कि शेयर बाजार में ये अपनी जगह बनाने की तैयारी में जुटा है। चाय प्वाइंट मई 2026 में IPO लाने की स्कीम बना रही है। कोरोना महामारी के दौरान इस कंपनी को काफी नुकसान हुआ था। इस कंपनी का बिजनेस मॉडल फ्रैंचाइजी पर बल्कि कंपनी के स्वामित्व वाला है।


कोरोना महामारी के बाद अब कंपनी अपनी वापसी कर रही है और तेजी से विकास के रास्ते पर तेजी से अपने कदम बढ़ा रही है। चाय प्वाइंट अपने नारे  'इंडिया रन्स ऑन चाय'  पर तेजी से काम करती हुई दिखाई दे रही है ये कंपनी सिर्फ एक चाय कंपनी नहीं, बल्कि देश में रोजाना चलने वाली जिंदगी का एक हिस्सा है। कंपनी ट्रेडिशनल और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के दम पर पूरे देश में मिलने वाली चाय के अनुभव को नया रूप प्रदान करना चाहती है। कोरोना महामारी के दौरान चाय प्वाइंट का कामकाज बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ था। चाय की बिक्री में भारी गिरावट आई थी और आमदनी नहीं होने की वजह से ज्यादातर स्टाफ ने कंपनी छोड़ दी थी।


कब हुई चाय प्वाइंट की शुरुआत?

कोविड महामारी के बाद चाय प्वाइंट कंपनी को अपनी टेक्नोलॉजी टीम एक बार फिर से नए सिरे से तैयार करनी पड़ी थी। कंपनी की बॉट बनाने के लिए सप्लाई चेन चीन से भारत शिफ्ट करना पड़ा। इन सब झटकों के बावजूद चाय प्वाइंट कंपनी ने एक बार फिर से भारतीय बाजारों में अपनी वापसी की है और अब नए सिरे से वो अपनी ग्रोथ पर ध्यान कर रहे हैं। चाय प्वाइंट बनाने का आइडिया साल 2009 में मुंबई के एक कैफे में चाय पीते हुए हार्वर्ड के प्रोफेसर खन्ना और उनके छात्र अमूल्य सिंह बिजराल के दिमाग में यह आइडिया आया। इस आइडिया के जरिए उनका मकसद सिर्फ इतना था कि वो लोगों तक बेहतरीन क्वालिटी की साफ-सुथरी और सस्ती चाय पहुंचा सकें।


साल 2010 में खोला पहला आउटलेट

चाय प्वाइंट ने साल 2010 के दौरान अपना पहला आउटलेट बेंगलुरु के कोरमंगला में खोला। इसके दो साल के बाद 2012 तक कंपनी बेंगलुरु से आगे बढ़कर देश की राजधानी दिल्ली, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के एक और शहर पुणे तक पहुंची। आज की तारीख में पूरे देश में चाय प्वाइंट के 170 से ज्‍यादा स्टोर हैं। चाय प्वाइंट कंपनी अगले दो सालों में 300 और स्टोर खोलने का प्लान बना रही है। मौजूदा स्टोर्स में से 60 में बैठने की जगह है, जबकि बाकी के 110 स्टोर्स में वॉक-इन आउटलेट हैं।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड