Stray Dogs: आवारा कुत्तों पर केंद्र का सख्त फैसला, स्कूल और हॉस्पिटल समेत सभी कैंपस से हटेंगे स्ट्रीट डॉग्स; सरकार ने दी 30 जून की डेडलाइन
आवारा कुत्तों को लेकर सरकार ने सख्त फैसला सुना दिया है, सभी कैंपस यानी स्कूल, अस्पताल हो या रेलवे स्टेशन से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा, इसके लिए केंद्र सरकार ने डेडलाइन भी दे दी है, जानें क्या है पूरा प्लान, पूरी खबर पढ़ें
- भारत
- 3 min read

Govt Order on Stray Dogs: आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में केंद्र सरकार ने एक सख्त फैसला सुनाया है, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आधारित और बच्चों से लेकर बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकरा ने सभी मंत्रालयों को आदेश दे दिए हैं, कि अपने अपने कैंपस से आवारा कुत्तों को हटाना होगा और ये काम पूरा करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस फैसले से स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और स्पोट्स कॉम्प्लेक्स जैसी जगहें ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगी। खासर बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है।
मंत्रालयों को क्या करना होगा?
अब मंत्रालयों को 30 जून तक यह सबूत देना होगा कि उन्होंने नियमों का पालन किया है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय अगस्त तक रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में जमा करेगा। फिलहाल सरकार ने कुछ साफ कदम बताए हैं। कैंपस में आवारा कुत्तों को घुसने से रोकने के लिए बाड़ या दीवार लगानी होगी। कचरे का सही प्रबंधन करना जरूरी है क्योंकि बचा हुआ खाना अक्सर कुत्तों को इन जगहों पर खींचता है। ऐसे में हर कैंपस में एक नोडल अधिकारी की पूरी डिटेल्स देनी होंगी।
इसके अलावा कोई शिकायत आए तो तुरंत कार्रवाई हो और अस्पतालों को हर समय एंटी-रेबीज वैक्सीन का स्टॉक रखना होगा। वहीं, स्कूलों में बच्चों को कुत्तों से बचाव और बेसिक फर्स्ट एड सिखाने के लिए सेशन चलाए जाएंगे। रेलवे स्टेशन और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी व्यस्त जगहों पर एक्सट्रा स्टाफ तैनात किया जाएगा।
Advertisement
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया
यह पूरा मामला पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों और बच्चों पर खतरे को गंभीरता से लिया था। अगस्त 2025 में पहले दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए आदेश आया। बाद में इसे पूरे देश पर लागू कर दिया गया। नवंबर 2025 में कोर्ट ने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसी संस्थागत जगहों पर खास फोकस किया। इन जगहों पर कुत्तों को पकड़कर स्टेरिलाइज और वैक्सीनेट करना होगा। इन कुत्तों को इलाज के बाद कैंपस में वापस नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें तय शेल्टर में भेजा जाएगा और हमेशा के लिए इन जगहों से दूर रखा जाएगा और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को स्टैंडर्ड गाइडलाइंस बनाने को कहा गया था।
सरकार अब कोर्ट के आदेश पर तेजी से काम कर रही है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सरकार का ये कदम सार्वजनिक जगहों को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए है। बतादें इन फैसलों के साथ-साथ केंद्र ने जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार का भी ध्यान रखने की अपील की है।