अपडेटेड 19 March 2025 at 11:01 IST

अखंड ज्योति, जमकर आतिशबाजी... सुनीता विलियम्स की वापसी पर पैतृक गांव झूलासन में ऐसे मना जश्न- Video

सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी के बाद उनके पैतृक गांव गुजरात के झूलासन में जमकर जश्न मनाया गया। ग्रामीणों में आतिशबाजी की।

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नासा के अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने अंतरिक्ष में रहने के बाद आखिरकारी पृथ्वी पर लौट आए। उनके साथ निक हेग और  अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी धरती पर लौट आए हैं। स्‍पेसएक्‍स के ड्रैगन कैप्‍सूल के जरिए फ्लोरिडा के तट पर उनकी सफल लैंडिंग हुई। लैंडिंग के एक घंटे के भीतर ही सभी अंतरिक्षयात्री यान से बाहर आ गए। भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स की वापसी पर अमेरिका ही नहीं भारत में भी जश्न का माहौल है।  उनके पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा के झूलासन में जमकर आतिशबाजी हुई।

सुनीता विलियम्स की वापसी का इंतजार वैसे तो पूरी दुनिया को बेसब्री कर रही थी, लेकिन भारत में उनके लौटने पर खासा उत्साह देखने को मिला। क्योंकि उनका भारत से बेहद ही खास रिश्ता है। बता दें कि सुनीता भले ही जन्मी अमेरिका में हों, लेकिन उनकी जड़ें भारत से भी जुड़ी है। उनका पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा के झूलासन में हैं। सुनीता के सफल लैंडिंग के लिए उनके गांव में विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।

 सुनीता के पैतृक गांव झूलासन में जश्न

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पैतृक गांव झूलासन में लोग उनकी सुरक्षित धरती पर वापसी के बाद खुशी जाहिर करते हैं और पूजा-पाठ और आरती की। अमेरिका के फ्लोरिडा में स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान के सफल स्प्लैशडाउन के बाद नासा झूलासन में आतिशबाजी शुरू हो गई। गांव के लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े।  सुनीता के चचेरे भाई ने बताया कि विलियम्स के सम्मान में एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा।

भारत से सुनीता का खास लगाव

बता दें कि सुनीता भले ही जन्मी अमेरिका में हों, लेकिन उनकी जड़ें भारत से भी जुड़ी है। उनके पिता डॉ दीपक पंड्या गुजराती मूल के भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर थे। सुनीता की मां बोनी पंड्या यूरोप के स्लोवाकिया से थीं। सुनीता विलियम्स का पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा के झुलासन में है। यह विलियम्स के पिता दीपक पांड्या का पैतृक गांव है। यहां उनके रिश्तेदार रहते हैं। 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 19 March 2025 at 11:01 IST