MSP Hike : केंद्रीय कर्मचारियों के बाद मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, राष्ट्रीय दलहन मिशन को मंजूरी
नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने रबी फसलों के MSP बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। गेहूं सहित अन्य फसलों पर लागत से 109% तक का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
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MSP Hike : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी और दीपावली से पहले देश के किसानों को दो बड़ी सौगात दी हैं। पीएम की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के हित को देखते हुए राष्ट्रीय दलहन मिशन की शुरुआत और रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम देश की खाद्य सुरक्षा, पोषण स्तर और किसानों की आय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह फैसले नवरात्रि के पवित्र अवसर पर और दशहरा से एक दिन पहले लिए गए, जो किसानों के लिए एक सकारात्मक संदेश देते हैं। सरकार ने रबी की 6 फसलों की MSP में बढ़ोतरी की है।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कैबिनेट के इन ऐतिहासिक फैसलों से किसानों की आमदनी, सामाजिक सम्मान और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि MSP में सबसे अधिक वृद्धि कुसुम्भ के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद मसूर के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।
राष्ट्रीय दलहन मिशन
राष्ट्रीय दलहन मिशन का मुख्य उद्देश्य देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। वर्तमान में दलहन उत्पादन लगभग 242 लाख टन है, जिसे 2030-31 तक 350 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन के अंतर्गत 416 जिलों में विशेष उत्पादन कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मिशन में कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
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- चावल की फसल के बाद खाली पड़े खेतों का उपयोग दलहन उत्पादन के लिए।
- उच्च गुणवत्ता वाले बीजों (प्रजनक, आधार और प्रमाणित बीज) का वितरण।
- मिश्रित खेती (इंटरक्रॉपिंग), सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
- बाजार से जुड़ाव और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
इसके अलावा, तूर, उड़द और मसूर जैसी दलहनी फसलों की 100% खरीद MSP पर की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फायदा मिल सके। मिशन के लिए साल 2025-26 में 11,440 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह योजना न केवल उत्पादन बढ़ाएगी बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।