बोफोर्स घोटाला मामला: दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, जल्द सुनवाई की मांग की गई

बोफोर्स घोटाला मामले में हिंदुजा बंधुओं को सभी आरोपों से बरी करने वाले 2005 के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Supreme Court
Supreme Court | Image: PTI

अखिलेश राय

Bofors Scam Case: बोफोर्स घोटाला मामले में हिंदुजा बंधुओं को सभी आरोपों से बरी करने वाले 2005 के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। वकील अजय अग्रवाल ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2 नवंबर, 2018 को हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका खारिज कर दिया था। यह मामला 1986 के बोफोर्स घोटाले से संबंधित है, जिसमें हिंदुजा बंधुओं पर 64 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था।

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Advertisement

नवंबर 2018 में, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और कहा कि हम सीबीआई द्वारा दी गई  चुनौती मे 4522 दिनों की देरी के लिए दी गई दलील से संतुष्ट नहीं हैं। इसी मामले मे वकील अजय अग्रवाल ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

याचिका में न्याय के हित में मामले की जल्द सुनवाई की मांग

Advertisement

याचिकाकर्ता अजय अग्रवाल ने अर्जी में कहा है कि इस मामले को दायर किए जाने के लगभग 20 साल बीत चुके हैं और इस घोटाले के 35 साल बीत चुके हैं जबकि तीन हिंदुजा बंधुओं को छोड़कर सभी आरोपियों की मौत हो चुकी है। अर्जी मे कहा है कि बोफोर्स घोटाले के आरोपियों को दंडित नहीं किए जाने की वजह से ही कई डिफेंस डील मे घोटाले सामने आए जैसे अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाला, स्कॉर्पीन पनडुब्बी घोटाला, बराक मिसाइल डील।

अर्जी में अदालत से अपील की गई है कि न्याय के हित में मामले की जल्द सुनवाई की जाए।

इसे भी पढ़ें: 'समझने वाले को इशारा काफी है...', अबू आजमी को एकनाथ शिंदे की दो टूक

Published By:
 Deepak Gupta
पब्लिश्ड