‘असहमति और अराजकता में फर्क है’…राहुल गांधी-अखिलेश यादव की रिहाई के बाद BJP का पलटवार, नितिन नवीन बोले- आज की घटना इतिहास का काला दिन
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी के व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया और कहा कि वे अराजकता के प्रतीक बनते जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के कदम को पूरी तरह से निंदनीय बताया है।
- भारत
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छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज के खिलाफ लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बहन और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों के साथ पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना दे दिया। हालांकि, कुछ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और इलाके को खाली करा दिया। इस मुद्दे पर बीजेपी राहुल गांधी और विपक्ष के खिलाफ आक्रामक हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गाधी के व्यवहार की जमकर आलोचना की है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी के व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया और कहा कि वे अराजकता के प्रतीक बनते जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के कदम को पूरी तरह से निंदनीय बताया है। बीजेपी के कई सांसदों और प्रवक्ताओं ने भी राहुल के इस कदम की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को गंभीरता से नहीं लेते, उनके व्यवहार में यह साफ दिखा। इससे पहले भी राहुल गांधी अपने अशोभनीय व्यवहार को दिखाते रहे हैं।
'विरोध और अराजकता दोनों अलग-अलग शब्द'
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, मेरा मानना है कि लोकतंत्र में विरोध और अराजकता दोनों अलग-अलग शब्द है। विरोध जब मर्यादा की हदों को पार कर जाती है वो अराजकता बन जाती है।” नितिन नवीन ने कहा, “राहुल गांधी अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं। संसदीय जीवन में हमारे कुछ ऐसे पद होते हैं जो पार्टी विशेष के नहीं होते।
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प्रधानमंत्री केवल एक पार्टी के नेता नहीं है 140 करोड़ देशवासियों के चुने हुए जन प्रतिनिधि हैं। जिनको पूरे देश की जनता आस्था और विश्वास का केंद्र मानती है। आज उनके आवास पर जिस प्रकार का अराजकता फैलाने का प्रयास राहुल गांधी ने किया है। ये स्पष्ट संदेश देता है कि ये विरोध की राजनीति नहीं अराजकता वादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।”
हिरासत के 3 घंटे बाद पुलिस ने सभी नेताओं को किया रिहा
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी नेता प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के करीब तीन घंटे बाद रिहा कर दिया गया। राहुल गांधी को पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया गया, जबकि प्रियंका गांधी को समेत कुछ अन्य नेताओं को पहले मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया था। अखिलेश यादव को भी पुलिस छत्रसाल स्टेडियम में लेकर गई थी जहां से उन्हें भी रिहा किया गया है।