बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से जो खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह- जेल या जहन्नुम, CM योगी ने विपक्ष पर बोला हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव की परंपरा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला शुरू कराया।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
cm yogi says Mafia elements will be sent either to hell or to prison in shravasti
बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से जो खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह- जेल या जहन्नुम, सालार मसूद गाजी का जिक्र कर CM योगी ने विपक्ष पर बोला हमला | Image: X

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव की परंपरा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला शुरू कराया। हमारी सरकार आने के बाद मैंने स्पष्ट कह दिया कि विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई मेला नहीं लगेगा। यदि कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह स्वतंत्र भारत है और यहां विदेशी आक्रांताओं का सम्मान नहीं हो सकता।

सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भगवान बुद्ध, जैन तीर्थंकरों, मां जानकी की परंपरा और महाराजा सुहेलदेव की विरासत अच्छी नहीं लगती, बल्कि वे गाजी मियां का मेला लगवाना चाहते थे, इसलिए उनकी ये दुर्गति हुई। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को श्रावस्ती के इकौना, सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम में श्रावस्ती एवं भिनगा विधानसभा क्षेत्रों में 396 करोड़ रुपए से अधिक की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/चाबी/स्टडी किट /आयुष्मान कार्ड भी वितरित किया।

हर जिले में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकास के लिए समय देना, लगातार समीक्षा करना और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पैरवी जरूरी होती है। श्रावस्ती में जो विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं, उसके पीछे जनप्रतिनिधियों और सरकार की निरंतर निगरानी है। सीएम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, नौ साल पहले बबुआ मुख्यमंत्री बन गए थे। 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे, फिर चच्चू उन्हें कुछ पढ़ाते थे और शाम होते-होते जिम चले जाते थे।

इसके बाद अपनी महफिल में व्यस्त हो जाते थे। ऐसे में प्रदेश की चिंता करने का समय कहां था? उस दौर में प्रदेश के हर जिले में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था। भूमि माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और पशु माफिया सक्रिय थे, जबकि गरीबों को राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं। युवाओं की नौकरियों में भ्रष्टाचार होता था और किसानों व कारीगरों की उपेक्षा की जाती थी। इसी वजह से श्रावस्ती देश के सबसे पिछड़े 100 जिलों में शामिल हो गया था।

9 वर्षों में बदल गई श्रावस्ती की तस्वीर

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में श्रावस्ती की तस्वीर बदल गई है। हर गरीब को प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत छत मिली है, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। प्रदेश के लगभग 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ परिवारों को शौचालय और 2 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में 9 लाख युवाओं को बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि पहले भर्ती प्रक्रिया में चाचा-भतीजे की जोड़ी और वसूली का सिंडिकेट हावी रहता था।

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा के युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर नहीं मिलता था। उस समय सैफई सिंडिकेट का कब्जा रहता था और उनकी पर्ची तथा खर्ची के बाद ही नियुक्ति पत्र मिलते थे। इसी कारण कई भर्तियों पर न्यायालय को रोक लगानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश पुलिस, शिक्षक भर्ती, आंगनबाड़ी भर्ती, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में श्रावस्ती के युवाओं को भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।

अब निवेश केवल एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रावस्ती जैसे जिलों में भी निवेश पहुंच रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला है और सरकार वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी श्रावस्ती को आगे बढ़ा रही है। अब जिले में मच्छर और माफिया का आतंक नहीं है और आकांक्षी जिला श्रावस्ती अब प्रेरणादायी जिले के रूप में नई पहचान बना रहा है।

बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह- जेल या जहन्नुम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले दिन से अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। धर्म परिवर्तन कराने के मामले में बलरामपुर में गिरफ्तार किए गए छांगुर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह छद्म वेश में लोगों को गुमराह करता था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उसके अवैध तथा अनैतिक कारोबार पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। जो भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह होगी या जेल या जहन्नुम।

आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल है, निवेश बढ़ रहा है, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। श्रावस्ती में विकास इसलिए संभव हुआ क्योंकि यहां से भाजपा का विधायक चुना गया, जिसने लगातार विकास कार्यों की पैरवी की। उन्होंने दावा किया कि यदि भिनगा से भी भाजपा विधायक होता तो जिले में और अधिक बड़ी परियोजनाएं लाई जा सकती थीं।

7,500 करोड़ रुपये की लागत से बहराइच-लखनऊ के बीच बनने वाले फोरलेन कॉरिडोर से जुड़ेगा श्रावस्ती

मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती जिले की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि श्रावस्ती ने विकास के पायदान पर लंबी छलांग लगाई है। देशभर के 500 आकांक्षी विकास खंडों में श्रावस्ती का एक विकासखंड विकास के मामले में पहले स्थान पर रहा है, जो जिले की नई पहचान है। सरकार बदलने के बाद श्रावस्ती तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच विरासत और विकास के समन्वय की है और इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है।

यदि जिले के दोनों विधायक भाजपा के होंगे तो डबल इंजन सरकार के साथ विकास की रफ्तार और तेज होगी, जिससे रोजगार, निवेश और नई परियोजनाओं को गति मिलेगी। सीएम ने बताया कि श्रावस्ती को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए श्रावस्ती-बलरामपुर-गोंडा-अयोध्या फोरलेन कॉरिडोर पर कार्य चल रहा है। साथ ही बहराइच-लखनऊ के बीच लगभग 7,500 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन कॉरिडोर स्वीकृत किया गया है। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मार्ग को आगे बढ़ाकर श्रावस्ती तक जोड़ा जाए, जिससे जिले की लखनऊ और अयोध्या से सीधी फोरलेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

इसे भी पढ़ें- PM आवास से हटाई गई भीड़, राहुल गांधी को मॉडल टाउन तो प्रियंका को मंदिर मार्ग थाने ले गई पुलिस, अखिलेश यादव समते हिरासत में विपक्ष के कई बड़े नेता
 

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड