BJP चीफ नितिन नबीन ने इन 3 सांसदों को जमकर फटकारा, मांगा जवाब; पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की शोक सभा में हुए थे शामिल
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार (29, अगस्त) पार्टी के तीन वरिष्ठ सांसदों को समन भेजकर जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि नितिन नबीन ने भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलजीत सहरावत, रामवीर बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया को जमकर फटकार लगाई और तलब कर दिया।
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार (29, अगस्त) पार्टी के तीन वरिष्ठ सांसदों को समन भेजकर जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि नितिन नबीन ने भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलजीत सहरावत, रामवीर बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया को जमकर फटकार लगाई और तलब कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यह तीनों वरिष्ठ नेता कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार के शोक समारोह में शामिल हुए थे। इसपर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सिख दंगा पीड़ितों के लिए लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे वकील एचएस फुल्का ने भी नाराजगी जताई थी।
आपको बता दें कि शनिवार को पार्टी मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर रहे थे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर मंथन करना, उनके साथ संवाद और संपर्क को और अधिक मजबूत करने के लिए एक अचूक चुनावी व सांगठनिक रणनीति तैयार करना था। बैठक में पार्टी के कई दिग्गज नेता और मंत्री मौजूद थे, जिनमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, कमलेश पासवान, रवि किशन, गुरु प्रकाश पासवान, हेमांग जोशी, राजू बिस्टा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूनम महाजन जैसे नाम शामिल थे।
एचएस फुल्का ने क्या कहा था?
फुल्का ने X पर पोस्ट करते हुए तीनों सांसदों के बहिष्कार की मांग की थी। उनका कहना था कि BJP सांसदों को सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में जाने की बजाय पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जतानी चाहिए थी। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं तीन BJP सांसदों - कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया - के उस दौरे की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें वे हत्यारे सज्जन कुमार के घर उसकी मौत पर शोक जताने गए थे। सहानुभूति तो पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति होनी चाहिए - जिनमें से कई लोग आज भी उन दिनों के खौफनाक मंजर को जी रहे हैं। मैं इन तीनों सांसदों के बहिष्कार की मांग करता हूं।"