500 साल पुराने शिव मंदिर पर ठोंका दावा, BJP सांसद कमलजीत सेहरावत ने खुद को बताया वक्फ पीड़ित, बोलीं- सैंकड़ों सालों से पूजा..
BJP सांसद ने बताया कि कैसे दिल्ली के द्वारका में उनके घर के पास मौजूद मंदिर की जमीन पर वक्फ ने अपना दावा ठोंका, जहां लोग सैकड़ों सालों से पूजा कर रहे थे।
- भारत
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BJP Leader Kamaljit Sehrawat on Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर इस वक्त पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। इसको लेकर सियासत तो चरम पर है। कई मुस्लिम संगठन इसके विरोध में है। इस बीच BJP की सांसद ने खुद को वक्फ का पीड़ित बताया है। उन्होंने बताया कि कैसे दिल्ली के द्वारका में उनके घर के पास मौजूद मंदिर की जमीन पर वक्फ ने अपना दावा ठोंका, जहां लोग सैंकड़ों सालों से पूजा करते आ रहे हैं।
बुधवार (2 अप्रैल) को BJP सांसद ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया था। वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि आज विश्व की सबसे अधिक संपत्ति भारत के वक्फ बोर्ड के पास है। विपक्ष ने कई आरोप लगाए लेकिन ये नहीं बताया कि बिल में संशोधन क्यों नहीं करने चाहिए, ये नहीं बताया।
'द्वारका के शिव मंदिर पर वक्फ ने ठोंका दावा'
BJP सांसद कमलजीत सेहरावत ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए बताया कि द्वारका के अंबरहाई गांव में उनका खुद का घर है। वहां से 200 मीटर दूर मंदिर पर वक्फ बोर्ड के लोगों ने वक्फ की जमीन होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के मुताबिक 1508 से ये शिव मंदिर यहां बना हुआ है। इस मंदिर में लोग सैकड़ों सालों से पूजा करते आ रहे थे। उनके जीवन में घर या जीवन मे कोई भी शुरुआत होती थी तो वो पहले मंदिर में पूजा करते थे। अचानक कुछ लोग वहां आए और इस मंदिर की जमीन को वक्फ जमीन बताने लगे। यहां तक कि अपने साथ हरि चादर लाकर नमाज अदा करने लगे। सांसद ने बताया कि हाल ही में ईद पर लोगों ने यहां नमाज भी अदा की।
BJP सांसद ने बताया कि साल 1987 में ये जमीन DDA ने अपने कब्जे में ले ली थी, लेकिन गांव के लोगों की मांग पर मंदिर अभी भी अस्तित्व में है। इसके बाद भी वक्फ बोर्ड ने ये अपनी जमीन होने का दावा किया।
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लोकसभा में उठाया था मुद्दा
इससे पहले बीते दिन लोकसभा में वक्फ बोर्ड पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा था, "वक्फ बिल की धारा 40 को हटाया। मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं पीड़ित हूं इस सेक्शन की। मैं दिल्ली के अंबरहाई गांव से हूं और मेरा गांव द्वारका के बीच में आता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल कुछ लोग वहां आए और उन्होंने हमारे पूछा के स्थान को जहां हम अपने बाबा के सैकड़ों सालों से पूजा करते हैं। आकर कहा कि ये वक्फ की प्रॉपर्टी है। ऐसा सिर्फ अंबरहाई गांव में ही नहीं बल्कि गोयला और अन्य गांवों में भी हुआ और मैं इसकी प्रत्यक्ष गवाह हैं।"
बता दें कि वक्फ संशोधन बिल को मोदी सरकार ने लोकसभा में पास करा लिया है। बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध 232 वोट पड़े। लोकसभा के बाद अब केंद्र सरकार इसे राज्यसभा में पेश करने के लिए तैयार है।