BJP विधायक राजेश्वर सिंह ने धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी
लखनऊ से मौजूदा BJP विधायक राजेश्वर सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने अपने चिट्ठी में बताया है कि धर्मांतरण भारत के अस्तित्व पर हमला है।
- भारत
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उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों छांगुर बाबा गिरोह समेत आगरा में धर्मातरण गैंग के खुलासे पर BJP विधायक राजेश्वर सिंह ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण अब धार्मिक स्वतंत्रता का प्रश्न नहीं, बल्कि भारत की आस्था, बेटियों की अस्मिता और सामाजिक स्थिरता पर सीधा हमला है। इस संबंध में उन्होंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है और धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून बनाने मांग की है।
लखनऊ से मौजूदा BJP विधायक राजेश्वर सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धर्मांतरण पर कानून बनाने की मांग की है। विधायक ने इस संबंध में कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से सशक्त कानून बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र अब नहीं चलेगा। धर्मांतरण भारत के अस्तित्व पर हमला है, यह कट्टरपंथी घुसपैठ का हथियार है।
छांगुर बाबा का चिट्ठी में किया जिक्र
राजेश्वर सिंह ने कानून मंत्री को लिखी चिट्ठी में लिखा है, यूपी में अवैध धर्मांतरण के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के अवैध धर्मांतरण और आगरा में ISIS की तर्ज पर हुए धर्म परिवर्तन का हवाले देते हुए बताया कि ये सब कुछ सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है, भारत की बेटियों को निशाना बनाना और हमारी संस्कृति को खत्म करना उनका लक्ष्य है।
विदेशी फंडिंग,आतंकी संगठनों का हाथ
विदेशी फंडिंग, लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और आतंकी संगठनों से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए एक व्यापक धर्मांतरण विरोधी अधिनियम लागू किया जाए। उन्होंने अपने पत्र में यह भी दावा किया है कि ये धर्मांतरण जबरदस्ती, छल प्रलोभन, बरगलाना और विवाह धोखाधड़ी के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने जिक्र किया है कि धर्मांतरण मॉड्यूल का पर्दाफाश और हालिया घटनाओं से इन कृत्यों की भयावहता और खतरनाक इरादे उजागर हुए हैं।
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विधायक ने पांच पन्नों की लिखी चिट्ठी
पांच पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने कहा कि ये कोई एक- दो घटनाएं नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कतिक जड़ों और देश की बेटियों की गरिमा पर व्यवस्थित, वित्त पोषित और वैचारिक रूप से प्रेरित हमला हैं। इससे रोकने बेहद जरूरी है और कानून के माध्यम से इस पर शिकंजा कसा जा सकता है।