'20-30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच...', CM उमर अब्दुल्ला ने 'खरीद-फरोख्त' के लगाए आरोप तो भड़की BJP, बोली- नाकामी छिपाने की हताश कोशिश

जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि उनके एक NC विधायक को तोड़ने के लिए 20-30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य के दर्जे का लालच दिया गया। इस पर भड़की BJP ने आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया।

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BJP on Omar Abdullah allegations
उमर अब्दुल्ला के आरोपों पर BJP का पलटवार | Image: ANI, Facebook

BJP on Omar Abdullah allegations: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के BJP पर लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों पर सियासी पारा गर्मा गया है। उनके आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है और उनसे सबूत मांगे। साथ ही इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की भी बात कही।

उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाए हैं कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक को 20 से 30 करोड़ रुपये देने का लालच दिया गया। साथ ही उन्हें मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल कराने का भरोसा दिया गया था।

BJP ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

रिपब्लिक से बात करते हुए BJP नेता रविंदर रैना ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यह सत्ताधारी सरकार की ओर से अपनी प्रशासनिक नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है।

बीजेपी नेता ने कहा, "उमर अब्दुल्ला जो आरोप लगा रहे हैं, वे पूरी तरह से गुमराह करने वाले हैं। इन आरोपों का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है और न ही इनके पीछे कोई ठोस आधार या तथ्य है। जब भी यह प्रशासन अपनी कमियों का सामना करता है, तो विवाद खड़े करना उसकी आदत बन गई है।"

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रविंदर रैना ने आगे कहा कि इससे पहले उमर ने कहा था कि पीएम मोदी ने उनकी मदद की, वरना J&K सरकार घुटनों पर आ जाती। उमर को ऐसे बयानों से बचना चाहिए जिनका मकसद असल मुद्दों से ध्यान भटकाना हो। ये आरोप सच्चाई से बहुत दूर हैं।

क्या कहा था CM उमर अब्दुल्ला ने…? 

श्रीनगर के हजरतबल में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ये बातें कही थी। मंच से बड़ा दावा करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक को तोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के जरिए बड़ा लालच दिया गया था, जिसमें 20 से 30 करोड़ रुपये नकद, मंत्री पद और राज्य का पुराना दर्जा वापस दिलाने का वादा शामिल था। हालांकि, पार्टी के विधायकों ने इस लालच को पूरी तरह ठुकरा दिया।

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मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि अगर भविष्य में बीजेपी उनके किसी भी नेता को 100 करोड़ रुपये का भी ऑफर दे, तो भी कोई अपनी पार्टी से गद्दारी नहीं करेगा।

उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए कहा, "मंच पर मौजूद किसी भी नेता को देखिए, यहां कोई भी ऐसा नहीं है जो 20 करोड़ या 100 करोड़ रुपये के लिए अपना ईमान बेच दे।" उन्होंने आगे कहा कि बाबा-ए-कौम शेख मोहम्मद अब्दुल्ला, मादरे-मेहरबान और फारूक अब्दुल्ला ने उन्हें यही सिखाया है कि हमें आज नहीं तो कल, अपने हर कर्म का हिसाब अल्लाह को देना है। बीजेपी को हमें कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, वे चोर दरवाजे से सत्ता में दाखिल नहीं हो पाएंगे और न ही उनके इरादे कभी कामयाब होंगे।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड