पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने किताब पर तोड़ी चुप्पी तो BJP ने किया जोरदार पलटवार, कहा- राहुल गांधी अबोध नहीं शातिर बालक हैं, देश से मांगें माफी
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे द्वारा जो पेंगुइन द्वारा किए गए कल के ट्वीट को सपोर्ट करना, अब यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल गांधी ने जिस मनोहर कहानी को सुनाने का प्रयास सदन के पटल पर किया था।"
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पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे ने की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर इन दिनों काफी विवाद चल रहा है। पूरे देश में इस किताब को लेकर अलग-अलग चर्चा चल रही है। अब भारी विवाद के बाद पूर्व आर्मी चीफ की सफाई आई है, जिससे ये साफ हो गया कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। एम एम नरवणे की सफाई के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए, देश से माफी मांगनी की बात कही है।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे द्वारा जो पेंगुइन द्वारा किए गए कल के ट्वीट को सपोर्ट करना, अब यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल गांधी ने जिस मनोहर कहानी को सुनाने का प्रयास सदन के पटल पर किया था, वो उनकी उस तथाकथित प्रकाशित किताब के प्रकाशक और लेखक, दोनों के द्वारा स्पष्ट रूप से ध्वस्त हो गया है।
राहुल गांधी ने पूरे देश से झूठ बोला-सुधांशु त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, पेंगुइन ने भी यह कहा है कि ऐसी कोई किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और अगर किसी के पास ऐसी किताब की प्रति है, तो वह पूरी तरह से अलग है और वो कॉपीराइट का उल्लंघन है। अब किताब के लेखक और प्रकाशक के बयान के बाद ये साफ हो गया है कि एक ही व्यक्ति झूठ बोल रहा है वो है राहुल गांधी।"
राहुल को देश से माफी मांगनी चाहिए-रविशंकर प्रसाद
वहीं, पूरे विवाद पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आज पेंगुइन ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जनरल नरवणे की जो आत्मकथा है, उसका अभी तक कोई प्रकाशन नहीं हुआ है, किसी भी रूप में प्रकाशन नहीं हुआ है। उन्होंने(पेंगुइन ने) यह भी कहा है कि यह कॉपीराइट का उल्लंघन है और वो इसके लिए उचित कार्रवाई करेंगे।"
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रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, "यह स्पष्ट है कि अपनी चाल और चरित्र के अनुसार राहुल गांधी ने फिर देश के सामने झूठ फैलाया है। वो जिस किताब को लेकर घूम रहे थे, वो किताब फर्जी है, वो छपी नहीं है...राहुल गांधी ने संसदीय परंपरा और कानून सबका उल्लंघन किया है। हम उनकी भर्त्सना करते हैं। उनको देश से माफी मांगनी चाहिए।"
पूरे विवाद पर सचिन पायलट ने क्या कहा?
वहीं, पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "जिस किताब की बात हो रही है उसके लेखक कौन हैं? उसके लेखक वे हैं जिनको इसी सरकार ने आर्मी चीफ बनाया। आर्मी चीफ देश का माना हुआ पद है अगर वे कुछ लिख रहे हैं कह रहे हैं तो उसको बैन करना, FIR करना, प्रकाशित नहीं होने देना। किस बात को छिपाना चाहते हैं? अगर उन्होंने किताब में कुछ लिखा है तो सरकार उस पर चर्चा करने से क्यों घबराती है? अगर सरकार को लगता है गलत लिखा है तो खंडन कर दे।"
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अपनी आत्मकथा पर पूर्व आर्मी चीफ की प्रतिक्रिया
बता दें कि अपनी अनपब्लिश्ड किताब के कथित सर्कुलेशन विवाद पर, पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) ने पेंगुइन इंडिया का बयान दोबारा पोस्ट करते हुए लिखा है- "यह किताब का स्टेटस है।"
बता दें कि प्रकाशक ने सोमवार को अपने लिखित बयान में ये भी कहा था कि,'किताब की कोई भी प्रति-न छपी हुई और न ही डिजिटल, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी भी तरह से आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।” ऐसे में किताब के अवैध वितरण के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी उपाय अपनाया जाएगा।'