अपडेटेड 10 February 2026 at 20:45 IST
लोकसभा में बवाल के बाद 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' किताब पर पूर्व सेना चीफ नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, अब क्या करेंगे राहुल गांधी?
अपनी अनपब्लिश्ड किताब के कथित सर्कुलेशन पर विवाद के बीच, पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि उनकी किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है।
- भारत
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पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर मचे विवाद पर मंगलवार को पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के आधिकारिक बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए लिखा, 'यह किताब की स्थिति है।'
प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने सोमवार को साफ किया था कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा, जिसका हवाला कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते लोकसभा में दिया था, अभी प्रकाशित नहीं हुई है। साथ ही, प्रकाशक ने इसकी बिना अनुमति प्रसार पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके एक दिन अब पूरे विवाद पर पूर्व आर्मी चीफ की भी सफाई आ गई है।
किताब विवाद पर नरवणे की पहली प्रतिक्रिया
अपनी अनपब्लिश्ड किताब के कथित सर्कुलेशन पर विवाद के बीच, पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) ने पेंगुइन इंडिया का बयान दोबारा पोस्ट करते हुए लिखा है- "यह किताब का स्टेटस है।"
प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई
बता दें कि प्रकाशक ने सोमवार को अपने लिखित बयान में ये भी कहा था कि, “किताब की कोई भी प्रति-न छपी हुई और न ही डिजिटल, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी भी तरह से आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।” ऐसे में किताब के अवैध वितरण के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी उपाय अपनाया जाएगा।
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पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान में कहा है, 'फिलहाल जो भी प्रतियां, पूरी या आंशिक रूप में, छपी हुई, डिजिटल, PDF या किसी भी अन्य फॉर्मेट में,ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर घूम रही हैं, वे PRHI के कॉपीराइट का उल्लंघन हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।'
कैसे शुरू हुआ विवाद
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किताब के कथित अंशों का हवाला देते हुए सदन में कुछ बातें उठाईं थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब में पूर्व सेना प्रमुख ने लिखा है कि 2020 में चीन के साथ लद्दाख सीमा पर टकराव के दौरान भारतीय सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वे भारतीय सीमा में घुस आए थे। मगर सदन में राहुल को इस पर चर्चा करने से रोक दिया गया था।
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इसके बाद किताब की अनधिकृत प्रतियों के डिजिटल और अन्य रूपों में प्रसार की खबरें आईं, जिस पर दिल्ली पुलिस ने भी मामला दर्ज किया। अब पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की सफाई के बाद देखना होगा कि राहुल गांधी क्या कहते हैं? क्योंकि सबसे पहले उन्होंने ने इस किताब का मुद्दा सदन में उठाया था।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 10 February 2026 at 20:26 IST