बीजद ने वाल्टेयर रेलवे डिवीजन को ईसीओआर से अलग करने के केंद्र के कदम का विरोध किया

ओडिशा में विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को पूर्वी तटीय रेलवे जोन (ईसीओआर) से वाल्टेयर डिवीजन को अलग करने के केंद्र के कदम पर चिंता जताई।

Follow : Google News Icon  
Naveen Patnaik
Naveen Patnaik | Image: PTI

ओडिशा में विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को पूर्वी तटीय रेलवे जोन (ईसीओआर) से वाल्टेयर डिवीजन को अलग करने के केंद्र के कदम पर चिंता जताई और दावा किया कि इस ‘‘एकतरफा फैसले से’’ राज्य के लिए गंभीर आर्थिक परिणाम सामने आएंगे।

पार्टी ने इस ‘‘महत्वपूर्ण’’ मुद्दे पर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया। हालांकि, बीजद ने रायगडा में एक नए रेलवे डिवीजन की स्थापना का स्वागत किया, जिसकी आधारशिला सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रखेंगे।

बीजद नेता भृगु बक्सिपात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राजस्व पैदा करने वाले वाल्टेयर डिवीजन को ईस्ट कोस्ट रेलवे से अलग करना पूरी तरह से आंध्र प्रदेश को खुश करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है।’’

संवाददाता सम्मेलन में बीजद विधायक रूपेश पाणिग्रही और पूर्व सांसद प्रदीप माझी भी मौजूद थे। उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई और दावा किया कि वाल्टेयर जोन पूर्व तटीय रेलवे के अधिकार क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले डिवीजन में से एक है।

बक्सिपात्रा ने वाल्टेयर डिवीजन के महत्व पर प्रकाश डाला जो 1,052 किलोमीटर से अधिक रेलमार्ग को कवर करता है। इसमें कोट्टावलासा-किरंदुल (केके) लाइन भी शामिल है, जो देश में माल ढुलाई से होने वाली सबसे बड़ी आय अर्जित करने वाली लाइन में से एक है।

Advertisement

इसे भी पढ़ें: सारे भिखारी शिरडी में जमा हो गए, यहां फोकट में खाना खा रहा हैं- पाटिल

Advertisement
Published By :
Deepak Gupta
पब्लिश्ड