'SIR का पहला भुक्तभोगी तो बिहार है, लोकतंत्र को बचाने के लिए हम कुर्बानी देने को तैयार हैं...', INDI गठबंधन की बैठक के बाद तेजस्वी का हमला
तेजस्वी यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कानून बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हुआ है। इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी वो देंगे।
- भारत
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Tejashwi Yadav on INDI Bloc Meeting: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आज INDI ब्लॉक की बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कानून बदले गए।
तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'हम सब लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हुए हैं और जो कुर्बानी देनी पड़ेगी वो हम देंगे। इस लड़ाई को लड़ेंगे और देश के लोकतंत्र को बचाएंगे। भाजपा के लोग इसको खत्म करना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार एक नमूना है। इस नमूने को बचाने के लिए कानूनें बदली गई हैं।
CEC को बचाने के लिए कानून बदले गए- तेजस्वी
उन्होंने कहा, 'पहला कानून बदला गया कि आजीवन इन पर कार्रवाई नहीं हो सकती, गिरफ्तारी नहीं हो सकती। चाहे पद पर रहें या ना रहें। एक साल के लिए जो वोटिंग रिकॉर्ड्स रखने थे उसे 45 दिन कर दिया गया है। चयन प्रक्रिया में पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया हुआ करते थे, उन्हें हटाकर केंद्रीय मंत्री कर दिया गया है। केवल इन्हें बचाने के लिए किया गया है। तभी यह नंगा नाच कर रहे हैं। जिस प्रकार से देश का माहौल इन लोगों ने बिगाड़ा है, कुछ काम नहीं किया लेकिन वोट चोरी करके सत्ता में बने रहे। ये गलत बात है।'
बिहार-बंगाल में दोबारा चुनाव की मांग
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, 'SIR का परीक्षण बिहार से किया गया उसके बाद पूरे देश में लागू कर दिया गया। हम मांग करते हैं कि बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव होना चाहिए। बिहार और बंगाल में फर्जीवाड़ा चुनाव था। हम लोग शुरू से चाहते हैं कि बैलेट पेपर पर चुनाव हो। दुनिया में जो सबसे विकसित देश हैं वे भी बैलेट पेपर पर चुनाव कराते हैं।'
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इंडी ब्लॉक की बैठक में किन मुद्दों पर हुई बात?
बता दें कि आज यानी 30 सितंबर को ज्ञानेश कुमार की ओर से कराए गए SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में धांधली के आरोपों को लेकर नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक हुई। इस बैठक के बाद जिन भी नेताओं ने बयान दिया, उन्होंने एक सुर में वोट चोरी, एसआईआर में गड़बड़ी, ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी।