'जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है...', रोहिणी आचार्य ने लिखी 'विरासत' को नष्ट करने की कहानी, चलाए शब्दों के तीर

Lalu Prasad Yadav की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिना नाम लिए अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर पार्टी की ‘विरासत’ और ‘वजूद’ पर सवाल उठाए।

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Lalu Prasad Yadav daughter Rohini Acharya took a dig at brother Tejashwi Yadav without naming him
रोहिणी आचार्य ने लिखी 'विरासत' को नष्ट करने की कहानी | Image: X

Bihar News : लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी अचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने एक गहरी और भावुक बात कही है। उन्होंने तंज भले लहजे में लिखा- "किसी बड़ी विरासत को बर्बाद करने के लिए बाहर के दुश्मनों की जरूरत नहीं पड़ती। अपने ही लोग और कुछ नए बने साथी काफी होते हैं।"

विरासत एक ऐसी चीज है जो सालों की मेहनत, संघर्ष और प्यार से बनती है। यह परिवार की धरोहर हो सकती है, समाज की परंपरा या फिर कोई बड़ा संस्थान। लेकिन कई बार इस विरासत को बर्बाद करने के लिए बाहर के दुश्मनों की जरूरत नहीं पड़ती। घर के अपने लोग ही काफी होते हैं। रोहिणी अचार्या की पोस्ट में इसी बात पर गहराई से विचार किया गया है। माना जा रहा है कि ये पोस्ट उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव के लिए लिखा है।

'अहंकार सिर पर चढ़ जाता है...'

रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि जब अहंकार बढ़ जाता है और समझदारी पर पर्दा पड़ जाता है, तब विनाश करने वाले ही सलाहकार बन जाते हैं। यह पोस्ट सरल भाषा में लिखी गई है, लेकिन इसमें गहरा दर्द छिपा है। रोहिणी आचार्य ने लिखा-

बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब "विनाशक" ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है।

 

क्या है पोस्ट के मायने?

रोहिणी आचार्य की इस पोस्ट का मतलब है कि कोई बड़ा साम्राज्य या परिवार की इज्जत सालों की मेहनत से बनती है। लेकिन इसे नष्ट करने में घर के लोग ही शामिल हो जाते हैं। वे बहकावे में आकर अपनी जड़ों को ही काटने लगते हैं। रोहिणी यह कह रही हैं कि अहंकार इंसान की बुद्धि छीन लेता है और गलत लोग सलाह देने लगते हैं। यह एक चेतावनी जैसी लगती है, जो परिवार या राजनीति में हो रही गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।

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लालू परिवार में क्या हो रहा है?

यह पोस्ट सिर्फ एक ट्वीट नहीं, बल्कि बिहार के बड़े राजनीतिक परिवार की आंतरिक लड़ाई की झलक है। लालू प्रसाद यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक। उन्होंने राजनीति में बड़ा नाम कमाया। उनकी विरासत, पार्टी और परिवार की एकजुटता है, जो सालों की मेहनत से बनी।

नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की बड़ी हार हुई है। लालू अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बेदखल कर चुके हैं। रोहिणी भी तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीति और परिवार से नाता तोड़ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके भाई तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज ने उन्हें परिवार से बाहर निकाला। रोहिणी ने कहा तब कहा था कि कि उन्हें गालियां दी गईं, अपमान किया गया, यहां तक कि चप्पल से मारने की कोशिश हुई। सबसे दुखद बात- उन्हें यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने पिता को 'गंदी किडनी' देकर पैसे और चुनाव टिकट खरीदा।

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तेजस्वी और उनके सलाहकारों पर तंज

यह झगड़ा परिवार की एकता को तोड़ रहा है। रोहिणी का मानना है कि पिता लालू की विरासत को कुछ "नए बने अपने" यानी नए साथी, बर्बाद कर रहे हैं। वे बहकावे में आकर पुरानी पहचान मिटा रहे हैं। इस पोस्ट को तेजस्वी और उनके सलाहकारों पर तंज माना जा रहा है। 

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Published By:
 Sagar Singh
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