अपडेटेड 19 July 2024 at 15:48 IST

यूपी में 'नेमप्लेट' वाले नीयम से राजनीतिक घमासान, JDU नेता केसी त्यागी ने कर दी ये डिमांड

सीएम योगी के नेमप्लेट के फैसले पर सियासत शुरू हो गई है। JDU नेता केसी त्यागी ने योगी के फैसले पर सवाल उठाया है।

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KC Tyagi
केसी त्यागी | Image: ANI

सावन के पावन महीने की शुरूआत सोमवार 22 जुलाई से होने जा रहा है। सावन के महीने में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। सीएम योगी ने कांवड़ यात्रियों के लिए  बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब पूरे यूपी में कांवड़ मार्गों पर खाने पीने की दुकानों पर नेमप्लेट लगाना जरूरी होगा। योगी के इस फैसले पर अब सभी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है।

सीएम योगी के नेमप्लेट के फैसले पर सियासत शुरू हो गई है। कांवड़ मार्गों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर 'नेमप्लेट' लगाने के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, यह पूरी तरीके से अव्यावहारिक कार्य है। वे समाज में भाईचारे की भावना को खराब करने का कार्य कर रहे हैं। इसको तत्काल निरस्त करना चाहिए।

केसी त्यागी ने उठाया ये सवाल

योगी के इस फैसले पर विपक्ष ही नहीं सत्ताधारी दल के नेता भी सवाल उठा रहें हैं। कांवड़ मार्गों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर 'नेमप्लेट' लगाने के निर्देश पर JDU प्रवक्ता केसी त्यागी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, इससे बड़ी कांवड़ यात्रा बिहार में निकलती है वहां इस तरह का कोई आदेश नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की जो व्याख्या भारतीय समाज, NDA के बारे में है- 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास', यह प्रतिबंध इस नियम के विरुद्ध है।

बिहार-झारखंड में भी निकलती है कांवड़ यात्रा

केसी त्यागी ने सावन में बिहार-झारखंड में निकलने वाली कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में ऐसा आदेश नहीं है, राजस्थान से कांवड़ गुजरेगी वहां नहीं है। बिहार का जो सबसे स्थापित और झारखंड का मान्यता प्राप्त धार्मिक स्थल है वहां नहीं है। इसपर पुनर्विचार हो तो अच्छा है।

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वहीं, सीएम योगी के दुकानों पर 'नेमप्लेट' लगाने के निर्देश पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "एक सीमित प्रशासनिक दिशानिर्देश के कारण इस तरह का असमंजस हुआ था, मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने जो भी सांप्रदायिक भ्रम पैदा हुआ था उसे दूर किया है।  मेरा यही कहना है कि इस तरह के विषयों पर किसी को सांप्रदायिक भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यह किसी मुल्क, मजहब, मानवता के लिए अच्छा नहीं है। आस्था का सम्मान और आस्था की सुरक्षा पर सांप्रदायिक सियासत नहीं होनी चाहिए।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 19 July 2024 at 14:41 IST