Zama Khan: कौन हैं नीतीश सरकार के इकलौते मुस्लिम मंत्री? जिन्होंने JDU की ओर से गांधी मैदान में ली शपथ, UP से भी है कनेक्शन

Patna: पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मोहम्मद जमा खान ने मंत्री पद की शपथ ली। वो नीतीश सरकार में इकलौते मुस्लिम मंत्री बने हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...

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Zama Khan, CM Nitish Kumar
Zama Khan, CM Nitish Kumar | Image: ANI

Bihar NDA Government: नीतीश कुमार की फिर बिहार सीएम के तौर पर ताजपोशी हो गई है। पटना के गांधी मैदान में उन्होंने 10वीं बार सीएम पद की शपथ ली। नीतीश के साथ कई मंत्रियों ने भी आज (20 नवंबर) आयोजित समारोह में शपथ ली। इसमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत कई नेताओं का नाम शामिल रहा, जो नीतीश की नई सरकार में मंत्री बने हैं। वहीं, इस लिस्ट में एक मुस्लिम मंत्री का नाम भी शामिल रहा। मोहम्मद जमा खान बिहार की नई सरकार के इकलौते मुस्लिम मंत्री बने हैं।

नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंगल पांडे, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद, मदन सहनी भी शामिल हैं। जीतनराम मांझी की पार्टी से उनके बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली है।

लगातार दूसरी बार जीते जमा खान

JDU कोटे से मोहम्मद जमा खान मंत्री बने हैं। वो इससे पहले भी पिछली सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री थे। जमा खान ने कैमूर जिले की चैनपुर विधानसभा सीट पर JDU की टिकट से चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने इस सीट से RJD उम्मीदवार बृज किशोर बिंद को मात दी।

जमा खान का जन्म कैमूर जिले के चैनपुर के नौघरा में एक मुस्लिम परिवार में जन्म हुआ। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई वाराणसी से की। जमा खान ने कहा था कि उनके पूर्वज हिंदू राजपूत थे और उन्होंने बाद में इस्लाम कबूल कर लिया।

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जमा खान का सियासी सफर

बात जमा खान के सियासी सफर की करें तो इसकी शुरुआत साल 2004 से हुई थी, जब उन्होंने चैनपुर विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2010 में वो कांग्रेस की टिकट से मैदान में उतरे और फिर हार गए।

बात जमा खान के सियासी सफर की करें तो इसकी शुरुआत साल 2004 से हुई थी, जब उन्होंने चैनपुर विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2010 में वो कांग्रेस की टिकट से मैदान में उतरे और फिर हार गए।

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2020 में पहली बार जीते चुनाव, फिर…

जमा खान ने कई बार पाला बदला। वो फिर बसपा में चले गए और 2015 के चुनाव पार्टी की टिकट पर लड़े। इस बार भी वो जीत का स्वाद नहीं चख पाए और महज 600 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। मोहम्मद जमा खान को आखिरकार सफलता 2020 में मिली। उन्होंने बसपा की टिकट से ही करीब 25 हजार वोट से जीत मिली। इस बार उन्होंने BJP के बृज किशोर बिंद को हराया था।

इसके साथ ही वे बिहार विधानसभा में बसपा के अकेले विधायक बने थे। हालांकि, तीन महीने बाद ही जनवरी 2021 में उन्होंने बसपा का साथ छोड़ दिया और जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल हो गए। JDU में शामिल होने के बाद उन्हें नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में जगह दी गई और अल्पसंख्यक कल्याण का मंत्री बनाया गया। इस बार जमा खान JDU से चुनाव लड़ा जबकि RJD की टिकट से मैदान में उतरे बृज किशोर बिंद को हराया। 

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Published By:
 Sujeet Kumar
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