नीतीश थामेंगे BJP का हाथ तो क्या करेंगे लालू के लाल, तेजस्वी कैसे बन सकते हैं सीएम? समझें समीकरण

Bihar Politics: नीतीश कुमार महागठबंधन तोड़ देंगे तो तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) क्या करेंगे, उनके पास क्या ऑप्शन है, क्या वो भी सीएम बन सकते हैं?

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Nitish Kumar and Tejashwi Yadav
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव | Image: PTI

Bihar Politics Latest Updates: बिहार में कड़ाके की ठंड से ज्यादा फिलहाल सियासी गर्मी देखने को मिल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक बार फिर पाला बदलने की संकेत दे दी है। 26 जनवरी को उनके और तेजस्वी यादव के बीच आई दूरियों की तस्वीर ने इस अफवाह को और हवा देने का काम किया। अगर आप सोच रहे होंगे कि क्या बीजेपी नीतीश का हाथ थामने के लिए तैयार है तो बता दें कि पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Sushil Modi) ने कह दिया है कि जो दरवाजे बंद किए गए थे वो खुल भी सकती है।

अब सवाल ये उठता है कि क्या नीतीश कुमार महागठबंधन तोड़ देंगे तो तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) क्या करेंगे, उनके पास क्या ऑप्शन है, क्या वो भी सीएम बन सकते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं।

नीतीश थामेंगे BJP का हाथ तो क्या करेंगे तेजस्वी?

अगर नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो बीजेपी के पास 78 सीटें हैं, जदयू के पास 45, जीतन राम मांझी की पार्टी  'हम' के पास 4 और अन्य में 1 सीट है। कुल मिलाकर एनडीए के पास 128 विधायक होंगे, जो 122 के बहुमत से अधिक है। ऐसे में बिहार में एनडीए बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी।

तेजस्वी कैसे बन सकते हैं सीएम?

RJD के पास विधायकों की कुल संख्या 79 है और कांग्रेस के पास 19 सीटें हैं। इसके अलावा राजद AIMIM के इकलौते विधायक अख्तरुल ईमान से संपर्क कर सकती है और निर्दलीय विधायक सुमित सिंह को भी अपने पाले में कर सकती है। इसके अलावा जदयू में भी कई विधायक हैं जो पार्टी से नाराज चल रहे हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी उन विधायकों पर भी डोरे डाल सकती है। ऐसे में कांग्रेस और तीन वाम दलों के साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास 114 विधायक हैं और वो बहुमत से केवल 8 सीटों से पीछे है।

Advertisement

इसके अलावा बिहार के डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में अपने आधिकारिक आवास पर अपने करीबी सहयोगियों की बैठक बुलाई। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार बनाने की रणनीति पर चर्चा हो रही है। वहीं, सीएम पद पर जारी खींचतान के बीच तेजस्वी यादव शुक्रवार, 26 जनवरी को राज्यपाल के चाय समारोह में शामिल नहीं हुए। इससे भी संभावनाएं लगाई जाने लगी कि वो बिहार में अपनी अलग पिच बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में बिहार की राजनीति अब कौन-सी करवट लेने वाली है, यह तो आने वाला वक्त ही बताया। हालांकि, बीजेपी नेताओं के बयान से ये तो साफ लग रहा है कि वो नीतीश को अपना समर्थन देने का मन बन चुके हैं।

इसे भी पढ़ें: Bihar Exclusive: 4 बजे के बाद लालू यादव ने नीतीश कुमार को 17 बार किया फोन, एक बार भी नहीं उठाया!

Advertisement


 

Published By:
 Ritesh Kumar
पब्लिश्ड