CM सम्राट चौधरी ने जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर की? तेजस्वी यादव ने पोस्ट शेयर कर लगाए आरोप, कहा- पॉक्सो एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे

तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर की है।

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Tejashwi Yadav on Samrat Choudhary
Tejashwi Yadav on Samrat Choudhary | Image: ANI

Tejashwi Yadav on Samrat Choudhary: बिहार में इन दिनों जमुई कांड का मामला गरमाया हुआ है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमुई की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री के आधिकारिक पेज से शेयर किए गए कथित पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इसी के साथ उन्होंने सीएम को कानून विरोधी करार दिया।

पॉक्सो एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे CM- तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने लिखा, 'नासमझ, अनाड़ी, कानून विरोधी बिहार के मुख्यमंत्री खुद पॉक्सो एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे है। पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की पहचान को गुप्त रखना कानूनन अनिवार्य है और इसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है।'

'ऐसे लोग कानून के रक्षक नहीं भक्षक'

उन्होंने आगे लिखा, '(पॉक्सो अधिनियम-2012 की धारा 23 के अनुसार, किसी भी मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया) या अन्य माध्यम से पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। इसमें बच्चे का नाम, पता, फोटो, स्कूल या परिवार से जुड़ी कोई भी जानकारी शामिल है जिससे उसकी पहचान का खुलासा हो सके। पहचान उजागर करने पर 6 महीने से 1 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं)।'

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तेजस्वी यादव ने कहा, 'बिहार के मुख्यमंत्री को इस जुर्म के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए अन्यथा फिर पॉक्सो एक्ट को मानेगा कौन? सातवीं फेल सात हत्याओं का आरोपी मुख्यमंत्री बनाने पर ऐसे ही कानून का उल्लंघन होते रहेगा। ऐसे लोग कानून के रक्षक नहीं भक्षक है।'

क्या है जमुई वाला मामला?

जमुई की घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6-7 बजे के आसपास की है, जहां सड़क पर कुछ लोगों ने बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की का रास्ता रोक लिया। इसी बीच एक नकाबपोश आदमी लड़की की तरफ बढ़ा और उसे जबरन खींचकर अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा। दोनों के साथ मारपीट और लड़की के साथ छेड़छाड़ की गई। घटना के कथित वायरल वीडियो में डर से सहमी लड़की बुरी तरह चीखती दिखाई दी। तभी साथी लड़के ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जमुई पुलिस सक्रिय हुई।

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इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तीन नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल नंदन यादव और हरेराम यादव को मंगलवार को अपनी गिरफ्त में लिया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम यादव भागने के प्रयास में घायल हुआ। मामले में एक अन्य आरोपी की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

वहीं पीड़िता की मां ने घटना के 24 से 48 घंटे के भीतर हुई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें बुलाया था। उन्होंने बेटी की सुरक्षा, पढ़ाई से लेकर भविष्य तक की मदद का भरोसा दिया है। 

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड