बिहार की राजनीति में सबकुछ ठीक है? नितिन नवीन आए थे इस्तीफा देने लेकिन फिर क्या हुआ जो बिना सौंपे...विधानसभा अध्यक्ष ने बताया सच
बिहार की राजनीति में रविवार को उस वक्त हलचल मच गई जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधानसभा पहुंचे। जहां सबकी निगाहें उनके इस्तीफे पर टिकी थीं। लेकिन अचानक आए ट्विस्ट ने सबको चौंका दिया।
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बिहार की राजनीति में रविवार को उस वक्त हलचल मच गई जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधानसभा पहुंचे। जहां सबकी निगाहें उनके इस्तीफे पर टिकी थीं। लेकिन अचानक आए ट्विस्ट ने सबको चौंका दिया। वो बिना कोई कागजात सौंपे ही लौट गए। अब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है, जिससे सियासी गलियारों में बहस और तेज हो गई है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि नितिन नवीन वाकई इस्तीफा देने के मकसद से विधानसभा आए थे। लेकिन ठीक उसी वक्त एक जरूरी मीटिंग या कार्यक्रम की वजह से उन्हें बीच में ही जाना पड़ा, जिससे इस्तीफा प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा, "इस्तीफा अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है, लेकिन नितिन नवीन के पास सोमवार तक का वक्त है। उम्मीद है कि वो तय समय में विधायकी से इस्तीफा दे देंगे।"
बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में मची खलबली
यह बयान आने के बाद बीजेपी और एनडीए के अंदरूनी हलकों में खलबली मच गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह NDA सरकार की स्थिरता से जुड़ा मामला हो सकता है, खासकर विधानसभा सीटों के समीकरण को ध्यान में रखते हुए। नितिन नवीन की यह कार्रवाई बिहार की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे रही है।
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नीतीश कुमार के इस्तीफे की अफवाहों पर ब्रेक
अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी अफवाहों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "संवैधानिक नियमों के मुताबिक, अगर सीएम को इस्तीफा देना होता है, तो वे या तो सभापति के चेंबर में आकर या आधिकारिक पत्र के जरिए इस्तीफा सौंपेंगे। अभी तक ऐसी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है।"
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यह बयान विपक्ष की उन कोशिशों को झटका देता है, जो लगातार सरकार पर दबाव बनाने की फिराक में हैं। प्रेम कुमार ने जोर देकर कहा कि बिहार की राजनीति स्थिर है और कोई बड़ा उलटफेर होने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही।
विपक्ष के ईंधन संकट के दावों को खारिज किया
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की कथित कमी के आरोपों पर भी अध्यक्ष ने सख्त लहजे में कहा, "देशभर में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई किल्लत नहीं है। यह महज राजनीतिक प्रचार है।" उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए विपक्ष को तथ्यों पर ध्यान देने की नसीहत दी।