बिहार में ये हो क्या रहा? मुंगेर में भीड़ ने फिर किया खाकी पर हमला, एक पुलिसवाले का फटा सिर; तीन घायल

बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा 'डायल-112' की टीम पर ग्रामीणों ने एक बार फिर पथराव और हमला किया जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

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bihar three more policemen injured in attack in munger for resisting mob justice
बिहार में ये हो क्या रहा है? मुंगेर में भीड़ ने फिर किया खाकी पर हमला, एक पुलिसवाले का फटा सिर; तीन घायल | Image: Instagram

बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा 'डायल-112' की टीम पर ग्रामीणों ने एक बार फिर पथराव और हमला किया जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में 28 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और सोमवार रात को ही उनमें से 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि बाकी अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सोमवार को खड़गपुर थाने को 'डायल-112' के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि फसियाबाद के ग्रामीणों द्वारा दो लोगों को बंधक बना कर उनके साथ मारपीट की जा रही है।

प्राप्त सूचना के आधार पर खड़गपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित पुलिस की एक विशेष टीम जब फसियाबाद स्थित सामुदायिक भवन के पास पहुंची तो देखा कि बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं सामुदायिक भवन के बाहर हैं। सामुदायिक भवन को बाहर से ताला लगाकर अंदर कुछ लोग बंधक बनाये गये दोनों व्यक्तियों के साथ मारपीट कर रहे हैं। बयान के अनुसार पुलिस ने स्थिति पर काबू पाते हुए बंधक बनाये गये दोनों व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया और उनसे बारी-बारी से पूछताछ की। बंधक बनाये गये दोनों लोगों की पहचान विक्की कुमार और संजेश कुमार के रूप में की गयी।

समझाने गई थी पुलिस की टीम

सामुदायिक भवन के पास मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि फसियाबाद गांव का गोविन्द कुमार अपने छोटे भाई अंकुश कुमार को शौच कराने बाहर लेकर जा रहा था, तभी सामुदायिक भवन के पास हथियार लिए मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने गोविन्द का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट की। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने विक्की कुमार और संजेश कुमार को बंधक बना लिया।

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बयान के मुताबिक पुलिस पदाधिकारी ने उग्र भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया कि बंधक बनाये गये दोनों व्यक्ति को छोड़ दिया जाए, लेकिन वहां मौजूद लोगों की भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। काफी प्रयास के बाद बंधक बनाये गये विक्की और संजेश को पुलिसकर्मियों द्वारा जब थाने ले जाया जाने लगा तो उग्र भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने हंगामा किया और पत्थरबाजी करते हुए पुलिस की टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिये खड़गपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। उल्लेखनीय है कि 14 मार्च की रात्रि में मुंगेर जिले में दो पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने गए एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह पर एक पक्ष द्वारा किए गए हमले के बाद उनकी मौत हो गई थी। कैमूर जिले के निवासी एएसआई सिंह भी आपातकालीन सेवा डायल- 112 से जुड़े थे।

अररिया, भागलपुर और मुंगेर में पहले हुए हमले में 2 पुलिसवालों की हो चुकी मौत

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भागलपुर जिले में अंतीचक थाने के पुलिसकर्मियों पर शनिवार रात ग्रामीणों द्वारा किये गये हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये थे। अंतीचक थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस टीम रात के समय गश्त के लिए निकली थी। माधव रामपुर हरि चक गांव के पास बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद ग्रामीणों के दो गुट आपस में झगडा कर रहे थे, जिसे देखकर पुलिस टीम वहां रुकी और इसी बीच ग्रामीणों ने उनपर पथराव करना शुरू कर दिया। इस हमले में गश्ती दल में शामिल पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए और पथराव में पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके अलावा अररिया में भी भीड़ ने एक ASI को पीट-पीटकर मारा डाला था। फुलकाहा थाने के दारोगा राजीव कुमार एक अपराधी को पकड़ने गांव पहुंचे। पुलिस ने अपराधी को पकड़ भी लिया था। मगर कुछ ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर अपराधी को छुड़ा ले गए। इस हमले में ASI राजीव कुमार की मौत हो गई। ठीक ऐसी ही बिहार के मुंगेर में ASI संतोष कुमार दो पक्षों के विवाद सुलझाने पहुंचे थे। उनपर भी एक पक्ष के लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड