Nagpur Violence: चेहरे पर नकाब,हाथ में तलवार... औरंगजेब की कब्र की लड़ाई में सुलगा नागपुर, चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा मंजर

Nagpur Violence: औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। बीते दिन की शाम महाराष्ट्र का नागपुर शहर हिंसा की आग में झुलस उठा।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Nagpur Violence
Nagpur Violence | Image: x

Nagpur Violence: औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार (17 मार्च) को हिंसक रूप ले लिया। बीते दिन की शाम महाराष्ट्र का नागपुर शहर हिंसा की आग में झुलस उठा। महाल इलाके में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसके अलावा हंसपुरी इलाके में भी पत्थर फेंके गए, घरों में तोड़फोड़ की गई और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, नागपुर में पहली घटना महाल के चीटनिस पार्क क्षेत्र में शाम साढ़े 7 बजे हुई थी। इसके बाद दूसरी घटना हंसपुरी इलाके में पुराना भंडारा रोड के पास रात साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे के बीच हुई। इस दौरान उग्र भीड़ ने घरों और एक क्लिनिक को निशाना बनाया। उन्होंने कई गाड़ियों को फूंक दिया। पुलिस के मुताबिक, हिंसा के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। अब घटना के चश्मदीदों ने हिंसक झड़प के बारे में बताया है।

चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा हाल

लोगों का कहना है कि भीड़ में शामिल लोगों ने घरों पर पत्थर फेंके और कारों में आगजनी की। घरों में लगे वाटर कूलर और खिड़कियां तोड़ दी और फिर भाग गए।  

हंसपुरी इलाके में रहने वाली एक महिला चश्मदीद ने बताया कि 'उग्रवादियों की पूरी टीम आई। सभी के चेहरे नकाब से ढ़के हुए थे। उनके हाथों में तलवार और लाठियां थी। भीड़ में शामिल लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और फिर लोगों के घरों पर पत्थर फेंका। इसके साथ-साथ गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।'

Advertisement

'ईंटें और पत्थर फेंके गए...'

वहीं हंसपुरी इलाके की एक और चश्मदीद ने बताया कि 'उन्होंने घरों और दुकानों पर तलवार से हमला किया। ईंटें और पत्थरों से घरों की खिड़कियों को तोड़ा। एक आंटी का ऑपरेशन हुआ था जो ऊपर वाली मंजिल में आराम कर रही थीं, उस कमरे की खिड़की को भी पत्थर फेंककर तोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने 8से 10 गाड़ियों में आगजनी कर दी।'

नागपुर के हिंसा प्रभावित हंसपुरी इलाके के एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, 'रात 10.30 बजे मैंने अपनी दुकान बंद की। अचानक मैंने देखा कि लोग गाड़ियों में आग लगा रहे हैं। जब मैंने आग बुझाने की कोशिश की तो मुझे पत्थर से मारा गया। मेरी दो गाड़ियां और पास में खड़ी कुछ और गाड़ियां जला दी गईं।'

Advertisement

नकाबपोश भीड़ ने हमला किया- चश्मदीद

एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया, 'पूरी घटना के डेढ़ घंटे बाद पुलिस यहां आई। ऐसा करने वाले लोगों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया और उन्हें नुकसान पहुंचाया।'

एक अन्य निवासी वंश कवले ने बताया कि भीड़ ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। उन्होंने उनके घरों में घुसने की भी कोशिश की। इसके अलावा क्लिनिक के सामने चाय की दुकान चलाने वाले एक अन्य ने बताया कि भीड़ क्लिनिक में घुसी और सभी मेज तोड़ दीं और दवाइयां फेंक दीं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई।

50 से ज्यादा लोगों को किया गया गिरफ्तार

नागपुर सिटी पुलिस आयुक्त रविन्द्र सिंघल के मुताबिक नागपुर शहर में शांतिपूर्ण स्थिति है हमने कुछ एरिया में कर्फ्यू लगाया है। स्थिति कंट्रोल में है और शांति बनी हुई है। हमने इस घटना में करीब 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है इसके अलावा जो CCTV, वीडियो या सोशल मीडिया में ऐसी हरकते करते हुए दिख रहे हैं या शांति भंग करते दिख रहे तो उन लोगों पर भी हम कार्रवाई कर रहे हैं। महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस और नागपुर से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिंसा के मद्देनजर शांति और सद्भाव की अपील की है। 

नागपुर में कैसे भड़की हिंसा?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन के आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिसमें 6 लोग और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

यह भी पढ़ें: LIVE UPDATES/ औरंगजेब की कब्र पर बवाल, नागपुर में हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू; पढ़ें हर अपडेट
 

Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड