लालू के खास अवध बिहारी करेंगे खेला? बिहार में नई सरकार बनी तो उनकी भूमिका पर रहेगी नजर

Bihar Politics: एक तरफ Nitish Kumar बिहार में 'खेला' करने की जुगत में हैं तो वहीं दूसरी तरफ RJD ने साफ किया है कि वो आसानी ने सत्ता परिवर्तन नहीं होने देगी।

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Awadh Bihari Choudhary lalu
नीतीश कुमार, अवध बिहारी और तेजस्वी यादव | Image: PTI/Awadh Bihari Choudhary fb

Bihar Politics: बिहार में सियासी सरगर्मी उफान पर है। सियासी गलियारे में हलचल तेज है कि नीतीश कुमार फिर बाजी पलटने वाले हैं और NDA के साथ गठबंधन करने की फिराक में हैं। दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव साफ कर चुके हैं कि वो बिहार में आसानी से तख्तापलट नहीं होने देंगे।

चर्चा है कि नीतीश कुमार 28 जनवरी को इस्तीफा दे सकते हैं और उसी दिन सीएम पद की शपथ भी ले सकते हैं। हालांकि, RJD के हाव-भाव से लग रहा है कि ये सब आसान नहीं होने वाला है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में स्पीकर का पद अवध बिहारी के पास है, जो लालू यादव के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में सवाल ये है कि अगर बिहार में फिर तख्तापलट हुआ तो उनकी भूमिका क्या होगी।

क्या अवध बिहारी कर पाएंगे कोई 'खेला'?

बिहार विधानसभा में RJD के अवध बिहारी का रोल अहम हो सकता है। माना जा रहा है कि अगर मामला बहुमत पर आकर रुका तो अवध बिहारी की भूमिका अहम हो सकती है। आपको बता दें कि बिहार में लालू यादव के सियासी दांव-पेंच से कोई अनजान नहीं है। लालू यादव अच्छी तरह से जानते हैं कि लोगों की अपने फायदे के लिए कैसे इस्तेमाल करना है। उसमें भी अगर उन्हीं का कोई अपना कुर्सी पर बैठा हो तो रणनीति बनाने में उनकी बराबरी कर पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सबका ध्यान इसपर टिका है कि बहुमत साबित करने के लिए लालू यादव कौन सा 'खेला' करने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि जदयू और NDA विधायक, जिसमें मांझी की पार्टी भी शामिल है, उनमें फूट पैदा करके ही ये संभव हो सकता है। अगर लालू जदयू से नाराज विधायकों को अपने पाले में करने में सफल हो जाते हैं तो खेल बदल सकता है।

बिहार विधानसभा में सीट समीकरण पर एक नजर

अगर नीतीश बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो बीजेपी के पास 78 सीटें हैं, जदयू के पास 45, 'हम' के पास 4 और अन्य में 1 सीट है। कुल मिलाकर एनडीए के पास 128 विधायक होंगे, जो 122 के बहुमत से अधिक है। ऐसे में बिहार में एनडीए बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी।

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RJD के पास विधायकों की कुल संख्या 79 है और कांग्रेस के पास 19 सीटें हैं। इसके अलावा राजद AIMIM के इकलौते विधायक अख्तरुल ईमान से संपर्क कर सकती है और निर्दलीय विधायक सुमित सिंह को भी अपने पाले में कर सकती है। इसके अलावा जदयू में भी कई विधायक हैं जो पार्टी से नाराज चल रहे हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी उन विधायकों पर भी डोरे डाल सकती है। ऐसे में कांग्रेस और तीन वाम दलों के साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास 114 विधायक हैं और वो बहुमत से केवल 8 सीटों से पीछे है।

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड