Bihar: JDU के लिए आज फैसले का दिन, विधानमंडल में नीतीश की जगह मिलेगी निशांत को कमान? पार्टी कार्यकारिणी बैठक शुरू
राजधानी पटना में जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शुरू हो गई है। बैठक में विधायक दल के नेता और उपनेता का चयन किया जाएगा। अब देखना होगा कि नीतीश की जगह किसे पार्टी की कमान मिलती है।
- भारत
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बिहार की सत्ता समीकरण में बड़े बदलाव के बाद अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने नए नेतृत्व का फैसला करने जा रहा है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पार्टी में नेतृत्व की सबसे बड़ी कमी महसूस की जा रही है। इस को लेकर आज जदयू की विधानमंडल दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक पटना के 1 अणे मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में सुबह 11 बजे शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद कर रहे हैं।
जदयू कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद को शामिल होने को कहा गया है। ये बैठक न केवल पार्टी का नया चेहरा तय करेगी,बल्कि 24 अप्रैल को होने वाले नई सरकार के विश्वास मत से पहले JDU की एकजुटता का भी परीक्षा होगी। बैठक में विधायक दल के नेता और उपनेता का चयन किया जाएगा।अब नीतीश कुमार बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं तो विधायी कार्य के लिए ये चुनाव जरूरी है।
निशांत नई जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं-मदन साहनी
JDU नेता मदन साहनी ने जेडीयू विधायक दल की बैठक पर कहा, "बैठक में तय होगा कि कौन विधायक दल के नेता बनेंगे और हमारे नेता नीतीश कुमार और पार्टी के अन्य नेता मिलकर तय करेंगे। जो भी तय होगा वो अच्छा होगा। निशांत जी पहले से ही हम लोग का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं और लगातार सक्रिय भी हैं।"
नीतीश का फैसला सबको स्वीकार होगा-श्रवण कुमार
JDU नेता श्रवण कुमार ने कहा, "बैठक में नीतीश कुमार का जो उनका निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा।" वहीं, जदयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने खुलकर निशांत कुमार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, "निशांत कुमार जी को आना चाहिए ,मजबूती से आना चाहिए।
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JDU के भविष्य पर होगा बड़ा फैसला
लगभग दो दशकों तक पार्टी और सरकार दोनों पर एकछत्र नियंत्रण रखने वाले नीतीश कुमार के हटने के बाद JDU पहली बार स्पष्ट नेतृत्व संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में आज की बैठक महज औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य और रणनीति तय करने वाला अहम फैसला मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस चयन से साफ संकेत मिलेगा कि जदयू अब NDA के अंदर अपनी भूमिका कैसे तय करना चाहता है और संगठन के भीतर शक्ति संतुलन किस तरफ झुक रहा है।
निशांत का नाम सबसे आगे
नीतीश कुमार के बेटे निशांत के नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। विधायकों ने उनके नाम पर समर्थन जताया है। निशांत कुमार नई सरकार का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने डिप्टी सीएम पद लेने से इनकार कर दिया और कहा कि वो अभी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। ऐसे में सवाल है कि निशांत अब किस तरह से नीतीश की विरासत को आगे ले जा पाएंगे?