कब होगा बिहार के नए CM का ऐलान? मनोज तिवारी ने बता दी तारीख, पावर स्टार पवन सिंह को लेकर भी दिया बड़ा बयान
Bihar New CM, Manoj Tiwari on Pawan Singh: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान की तारीख बता दी है। इसके अलावा उन्होंने पवन सिंह को पार्टी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्हें जल्द 'हक' मिलने की बात कही है।
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Manoj Tiwari on Pawan Singh: बिहार की सत्ता के गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के बाद राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। इस सस्पेंस से पर्दा हटाते हुए BJP सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। रोहतास जिले के डेहरी पहुंचे मनोज तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए आगामी 10 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
पवन सिंह को लेकर विपक्ष को दिया करारा जवाब
भोजपुरी के 'पावर स्टार' पवन सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी मनोज तिवारी ने खुलकर बात की। विपक्ष द्वारा पवन सिंह को बीजेपी द्वारा 'इस्तेमाल' किए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसी बातें फैलाना विपक्ष की पुरानी आदत है। उन्होंने पवन सिंह को BJP का एक समर्पित और महत्वपूर्ण कार्यकर्ता कहा।
मनोज तिवारी ने संकेत दिए कि पवन सिंह ने चुनाव में जो मेहनत की है, पार्टी उसे भूली नहीं है और जल्द ही उन्हें संगठन में उनके समर्पण के अनुसार उचित सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पवन सिंह को उनका पूरा "हक" मिलेगा।
नीतीश कुमार ने खुद जताई राज्यसभा जाने की इच्छा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद छोड़ने की चर्चाओं पर मनोज तिवारी ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर नीतीश कुमार ने खुद राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी, जिसे NDA ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। उन्होंने नीतीश कुमार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे आज भी हमारे नेता हैं और भविष्य में भी अपने अनुभव से बिहार का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
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परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
बिहार की राजनीति में अक्सर उठने वाले 'परिवारवाद' के मुद्दे पर मनोज तिवारी ने नीतीश कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर परिवारवाद का आरोप लगाना पूरी तरह गलत है। परिवारवाद की परिभाषा समझाते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई नेता अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी, बेटे या बेटी को जबरन सत्ता में स्थापित करता है, उसे परिवारवाद कहते हैं। नीतीश कुमार के मामले में ऐसा कुछ नहीं है, इसलिए उनके खिलाफ यह तर्क बेमानी है।
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