Bihar: जीत के बाद भी JDU के ये दो बाहुबली विधायक अब तक नहीं ले पाए हैं शपथ, जानें इसकी पीछे की वजह

बिहार में 18वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। मगर अब तक JDU के दो बाहुबली विधायकों ने शपथ ग्रहण नहीं किया है। जानें आखिर इसकी पीछे कौन सी है बड़ी वजह

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Nitish Kumar cabinet
विधायकों के साथ नीतीश कुमार | Image: X

बिहार विधानसभा के सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू हुए पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र का आज, बुधवार को तीसरा दिन है। सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने विधायकों को शपथ दिलाई। सत्र के दो दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सत्तारूढ़ JDU दो बाहुबली विधायकों अभी तक शपथ नहीं ले सके हैं। जानते हैं इन दोनों विधायकों के नाम और अब तक शपथ नहीं ले पाने की पीछे की वजह…

18वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन 6 विधायकों ने शपथ नहीं ली थी। दूसरे दिन स्पीकर चुनाव से पहले बचे हुए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इनमें से चार विधायकों ने शपथ ले ली, लेकिन कुचायकोट से छठी बार विधायक बने अमरेंद्र पांडेय और मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह सदन में मौजूद नहीं हो पाए हैं। सदन में इनके नाम की बार-बार घोषणा हुई मगर ये दोनों दिन अनुपस्थित रहे।

अमरेंद्र पांडेय और अनंत सिंह ने क्यों नहीं ली शपथ?

मिली जानकारी के मुताबिक, गोपालगंज जिले के कुचायकोट से JDU विधायक अमरेंद्र पांडेय के कोई परिजन दिल्ली में एडमिट है, जिसकी वजह से वह सदन नहीं पहुंच पाएं हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद भी वे प्रमाण-पत्र लेने भी नहीं पहुंचे थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जल्द ही वे पटना आएंगे और शपथ लेंगे।

जेल में बंद अनंत सिंह को नहीं मिली जमानत

वहीं, JDU दूसरे विधायक 'छोटे सरकार' उर्फ अनंत सिंह जेल में बंद है। मोकामा से लगातार दूसरी बार विधायक बने अनंत सिंह ने चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की थी, मगर जमानत नहीं मिल पाने कारण वो अब तक शपथ नहीं ले पाए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव हत्याकांड में वे मुख्य आरोपी हैं। निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब जेल प्रशासन से विशेष अनुमति मिलने के बाद ही वे शपथ के लिए सदन में आ सकेंगे।

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क्या विधायकों की चल जाएगी विधायकी?

अब जानते हैं संविधान और विधानसभा के नियम के अनुसार, कोई भी जेल में बंद विधायक नई सरकार में शपथ कैसे ले सकते हैं और अगर शपथ ग्रहण नहीं किया तो क्या उसकी विधायकी चली जाएगी? भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची और बिहार विधानसभा के नियमों के अनुसार नव-निर्वाचित विधायक को शपथ लेने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। हालांकि, अगर कोई विधायक लगातार छह महीने तक सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होता या शपथ नहीं लेता, तो उसकी सदस्यता स्वतः रद्द हो जाती है। इसके अलावा, चार्जशीट दायर करने के बाद अगर उनके खिलाफ आरोप तय हो जाते हैं और उन्हें 1 साल से अधिक कारावास की सजा होती है, तो उनकी विधायकी अयोग्य हो जाएगी।
 

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Published By :
Ankur Shrivastava
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