Bihar: हाजीपुर नाव हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़ा, अब तक 13 बच्चों का शव बरामद, लापता लोगों की तलाश जारी; भोज खाने जान रहे थे सभी
वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। नाव में 20 से 30 लोग सवार थे। लापता लोगों की तलाश जारी है।
- भारत
- 4 min read

बिहार के हाजीपुर में बड़ा हादसा हो गया। राघोपुर के पास गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। नाव में 20 से 30 लोग सवार थे। ये सभी लोग मृत्यु भोज में शामिल होने के लिए दूसरे गांव जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। तुंरत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लापता लोगों की तलाश जारी है।
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर श्यामचंद गांव के पास मंगलवार देर रात गंगा नदी में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। राघोपुर इलाके में 20 से 30 लोगों से भरी एक निजी नाव अचानक अनियंत्रित होकर गंगा में पलट गई, नदी में डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई। ये सभी लोग नाव में सवार होकर भोज में शामिल होने के लिए दूसरे गांव जा रहे थे।
गंगा में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत
हादसे के बाद वैशाली की जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह अस्पताल में भर्ती लोगों से मिलने और मेडिकल मदद का इंतजाम करने के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचीं। वर्षा सिंह ने कहा,"बहुत ही दुखद घटना है रात करीब 8:30 बजे ये घटना घटी है। इसमें सूचना मिली कि एक नाव में 15-20 बच्चे सवार थे ये बच्चे बगल के गांव में भोज खाने जा रहे थे उसी दौरान नाव पलटी। अभी तक 7 लोगों को बचाया गया है जिन्हें NMCH भेजा गया है। सभी स्थिर हैं। SDRF की टीम यहां पर मौजूद हैं लोकल गोताखोरों की मदद से बचाव किया जा रहा है। कुल 13 बच्चे मृत पाए गए हैं वो सभी 15 साल के और 15 साल से कम के बच्चे हैं जिन्हें मृत घोषित किया गया है।"
लापता लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने लापता लोग भी तुरंत खोजबीन में जुट गए। रात होने के वजह से अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी भी हो रही था। हादसे के बाद कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली। SDRF को भी रेस्क्यू में लगाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य जारी है।
Advertisement
मुआवजे का ऐलान
इधर आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम का जमकर विरोध किया। बताया जा रहा है कि नाव फटने से यह हादसा हुआ है। लोगों का आरोप है कि नाव पुरानी और जर्जर थी। इसे बदलने के लिए ग्रामीणों ने बार-बार आवेदन दिया, लेकिन नाव नहीं बदली गई। इसीका नतीजा है कि इस तरह का हादसा हुआ है। हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की, जबकि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पीड़ित हर परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।