Bihar: शहीदों के सम्मान में नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, बलिदानी सैनिकों के परिवार को मिलेगी 1 एकड़ जमीन

Bihar Govt Scheme: बिहार सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए जमीन आवंटन नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब वीरगति प्राप्त जवानों के परिजनों को खेती के लिए 1 एकड़ या घर के लिए 5 डिसमिल जमीन मिलेगी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नई पारदर्शी प्रक्रिया की घोषणा की है।

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NITISH KUMAR
NITISH KUMAR | Image: ANI

Bihar Govt Scheme: बिहार सरकार ने बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिवारों के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 6 जनवरी यानी शुक्रवार को घोषणा की कि अब युद्ध में शहीद होने वाले सैनिकों के आश्रितों को उनके गृह जिले में ही जमीन आवंटित की जाएगी। 

सरकार का उद्देश्य है कि वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के परिजन गरिमापूर्ण और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। इस नई बंदोबस्ती प्रक्रिया में पात्र परिवारों को बिना किसी विभागीय देरी के लाभ मिल सकेगा।

गृह जिले में मिलेगी 1 एकड़ जमीन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को उनके गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ सरकारी जमीन प्रदान की जाएगी। यदि परिवार के पास रहने के लिए घर नहीं है, तो उन्हें 5 डिसमिल आवासीय जमीन आवंटित की जाएगी।

इस योजना का लाभ उन सैनिकों के परिवारों को मिलेगा, जिन्होंने कम से कम छह महीने तक निरंतर सेना में सेवा दी हो। विशेष बात यह है कि आवंटित भूमि पर अगले पांच वर्षों तक कोई वार्षिक लगान (टैक्स) नहीं लिया जाएगा और केवल एक सांकेतिक राशि सलामी के रूप में ली जाएगी।

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अर्द्धसैनिक बलों और विशेष बलों के जवान भी होंगे पात्र

नीतीश सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए केवल थल सेना, नौसेना और वायुसेना तक ही सीमित नहीं रखा है। युद्धकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अन्य सुरक्षा बलों जैसे- BSF, CRPF, असम राइफल्स, बिहार मिलिट्री पुलिस (BMP), टेरिटोरियल आर्मी, NCC और होमगार्ड्स के जवानों को भी इसमें शामिल किया गया है। 

यदि इन बलों के जवान युद्ध के दौरान वीरगति प्राप्त करते हैं, तो उनके आश्रित भी इसी प्रावधान के तहत भूमि पाने के हकदार होंगे। इसके लिए 'सैनिक एवं एयरमेन बोर्ड' की अनुशंसा और संतोषजनक सेवा का प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।

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किसे मिलेगी जमीन?

भूमि आवंटन की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थी बिहार का मूल निवासी हो। साथ ही, यह सुविधा केवल उन परिवारों को मिलेगी जिनके पास पहले से निजी आवासीय भूमि उपलब्ध नहीं है। आवंटित की जाने वाली जमीन पूरी तरह से विवादमुक्त, भूदान या कब्रिस्तान जैसी श्रेणियों से बाहर की होगी। बंदोबस्ती का अधिकार जिलाधिकारी (DM) के पास सुरक्षित रहेगा। 

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Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड