अपडेटेड 29 January 2026 at 19:49 IST
Bihar: नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, अब प्रदेश की महिलाओं के खाते में आएंगे 2 लाख रुपये; क्या हैं शर्तें, किन्हें मिलेगा लाभ?
Mukhyamantri Mahila Rojgar: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार द्वारा बहुत जल्द महिलाओं को अब 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इस रकम से लाभुक महिलाओं के लिए अवसर के नए दरवाजे खुल जाएंगे।
- भारत
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Mukhyamantri Mahila Rojgar: गुरुवार, 29 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री ने बिहार की महिलाओं को एक सुखद समाचार दी है। जी हां, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) को लेकर नीतीश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया MMRY के तहत योजना की लाभुक महिलाओं को अब आगे की बड़ी किश्त देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सकें। योजना के पहले चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की राशि दी गई थी। अब आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार बहुत जल्द 2 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।'
MMRY योजना के तहत महिलाओं को मिलेगा 2 लाख तक का सहयोग
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी। इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए जरूरत के हिसाब से 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान गया है।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्य प्रारंभ कर दी गई है। यह राशि चरणों में दी जाएगी, बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार के लिए सदुपयोग किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी।'
छह माह बाद काम का होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने एक्स पर आगे लिखा 'विभाग को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए। जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि।
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1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के मिला लाभ
बिहार सरकार का मानना है कि इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी, बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के अनुसार अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डीबीटी के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है।
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Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 19:49 IST