अपडेटेड 29 January 2026 at 18:06 IST

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे, तो अब अखिलेश यादव की आई प्रतिक्रिया, कहा- दोषी बचे न और न किसी का उत्पीड़न हो...

Akhilesh Yadav on UGC: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'हमारा मानना है कि दोषी ना बचे और निर्दोष के साथ अन्याय ना हो।'

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akhilesh yadav reaction on supreme court staying ugc guidelines 2026
UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे, तो अब अखिलेश यादव की आई प्रतिक्रिया | Image: RBHARAT

Akhilesh Yadav on UGC: सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेदभाव को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की ओर से जारी नए नियमों पर गुरुवार, 29 जनवरी को रोक लगा दी है। पिछले कई दिनों से छात्रों का एक वर्ग इन नियमों को वापस लेने की मांग कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके दुरुपयोग की आशंका जताते हुए रोक लगा दी है।

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से रोक लगाए जाने वाले फैसले का राजनीतिक हलकों में स्वागत हो रहा है। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले का स्वागत किया है। अखिलेश ने एक्स पर लिखा 'हमारा मनना है कि दोषी ना बचे और निर्दोष के साथ अन्याय ना हो।' वहीं, मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'हमारा संविधान कहता है कि हम कहीं भेदभाव नहीं कर सकते हैं।'

दोषी बचे न और न किसी का उत्पीड़न हो-अखिलेश यादव

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से रोक लगाने के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा 'सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है। क़ानून की भाषा भी साफ होनी चाहिए और भाव भी। बात सिर्फ़ नियम नहीं, नीयत की भी होती है। न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय। न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफ़ी।'

तमाम कानूनों के बावजूद समय-समय पर भेदभाव होता है-अखिलेश यादव

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा 'UGC के मामले में जो बातें निकल कर आ रही हैं, हमारा मानना है कि दोषी ना बचे और निर्दोष के साथ अन्याय ना हो। इससे पहले भी 2012 में रेगुलेशन आए थे... हमारा संविधान कहता है कि हम कहीं भेदभाव नहीं कर सकते हैं। हमारे तमाम  कानूनों के बावजूद समय-समय पर भेदभाव होता है।'

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देशभर में हो रहा था विरोध

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन द्वारा नए नियम 13 जनवरी को भारत में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए लागू किया गया था, जिसके बाद पूरे देश में विरोध देखा गया। नए नियम के विरोध में एक बड़ा तबका सबसे आगे रहा। देश में व्यापक विरोध को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई चली और गुरुवार, 29 जनवरी को SC ने रोक लगा दी।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 29 January 2026 at 17:58 IST