'आज मेरा भाई जिंदा होता, मुझे भी झूठे केस में...', भरत तिवारी के एनकाउंटर पर छलका ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद का दर्द
ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें भी झूठे मामले में साजिश के तहत गिरफ्तार किया था।
- भारत
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बिहार के भोजपुर जिले में कथित पुलिस एनकाउंटर में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई पर सवालों का सिलसिला तेज हो गया है। प्रदेश की सरकार विपक्ष के निशाने पर है। आम से लेकर खास सभी बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। चौतरफा दवाब के अब एक्शन लिया जा रहा है। पूरे मामले पर अब पटना स्थित ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भरत तिवारी एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर एक्शन हुआ है। भरत तिवारी के परिजनों के शिकायत पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। थानेदार और DSP पर भी कार्रवाई हुई है। आरोप है डीएसपी ने ही भरत पर गोली चलाने का आदेश दिया था। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने कहा है कि पुलिस रक्षक नहीं भक्षक बन गई है।
पुलिस शिकारी बन गई है-रोशन आनंद
रोशन आनंद ने ने कहा, “पुलिस को तो रक्षक होना चाहिए, लेकिन आज वे शिकारी बन गई हैं। भरत तिवारी मर्डर केस इसका एक उदाहरण है। जब भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उन्हें एनकाउंटर में क्यों मारा गया? आप जनता के रक्षक हैं, शिकारी नहीं।”
मुझे भी झुठे केस में गिरफ्तार किया-रोशन आनंद
रोशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत का जिक्र करते हुए प्रशासन पर तानाशाही और जल्दबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'अगर मुझे उस झूठे मामले में साजिश के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया होता, तो आज मेरा भाई (प्रिंस यादव) भी हमारे साथ जिंदा खड़ा होता। प्रशासन को भरत तिवारी मामले की गंभीरता को समझना चाहिए। इसकी सही जांच होनी चाहिए और जनता आपसे न्याय की उम्मीद रखती है।"
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भरत तिवारी के गांव में महापंचायत
बता दें कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव निवासी 28 साल के भरत भूषण तिवारी की बुधवार, 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। जिस तरह से भरत का एनकाउंटर हुआ उसे लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई। पुलिस ने कहा है कि आत्मरक्षा के लिए हमने गोली चलाई, भरत तिवारी लगातार पुलिस पर गोलीबारी कर रहे थे। जबकि परिवार ने कहा है कि उसने हथियार पुलिस को दे दिए थे। एनकाउंटर के विरोध में आज, 24 जून को भरत के गांव में महापंचायत बुलाई गई है।