Bihar: एक ही लड़की से थे दोनों के नाजायज संबंध, मामी का नाम लेकर भांजा करने लगा ब्लैकमेल, मामा ने करा दी हत्या; शव के कराए 3 टुकड़े
बिहार के भागलपुर जिले में एक युवक की तीन टुकड़ों में काटकर की गई हत्या के मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। नाथनगर थाना क्षेत्र के मसकन बरारी इलाके में रहने वाले कहलगांव निवासी अभिषेक की हत्या उसके अपने ही मामा ने करवाई थी।
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बिहार के भागलपुर जिले में एक युवक की तीन टुकड़ों में काटकर की गई हत्या के मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। नाथनगर थाना क्षेत्र के मसकन बरारी इलाके में रहने वाले कहलगांव निवासी अभिषेक की हत्या उसके अपने ही मामा ने करवाई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध संबंध, साइबर ठगी के पैसों का विवाद और ब्लैकमेलिंग इस दिल दहला देने वाली वारदात की मुख्य वजह थी।
पुलिस के अनुसार अभिषेक और उसके मामा संतोष, दोनों के दो युवतियों से अवैध संबंध थे। इन्हीं में से एक लड़की से अभिषेक के साथ-साथ उसके मामा संतोष के भी नाजायज संबंध थे। अभिषेक को मामा की इस हरकत की जानकारी थी और वह संतोष को धमका रहा था कि वह सब कुछ अपनी मामी को बता देगा। पुलिस का कहना है कि अभिषेक ने इस राज को उजागर करने की धमकी देकर मामा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इससे तंग आकर संतोष ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली और सुपारी किलर्स की मदद से उसकी हत्या की साजिश रच दी।
साइबर ठगी के पैसे पर भी था झगड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि संतोष और उसके कुछ साथी साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। अभिषेक इस गिरोह के कामकाज को मुंशी की तरह देखता था। साइबर ठगी से आने वाले पैसों के बंटवारे और धंधे पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश को लेकर भी मामा-भांजे के बीच लगातार विवाद हो रहा था।
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बताया जा रहा है कि अभिषेक धीरे-धीरे व्यापार के पैसों और पूरे नेटवर्क पर अपना दबदबा बढ़ाने लगा था, जिससे संतोष बेहद नाराज था। अवैध संबंध, ब्लैकमेलिंग और पैसों की खींचतान ने मिलकर इस रिश्ते को आपराधिक मोड़ पर ला खड़ा किया।
अभिषेक के ही पैसे से खरीदे गए हत्या के औजार
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नाथनगर पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि जिस युवक की हत्या हुई, उसके ही पैसे से हत्या की तैयारी की गई थी। पुलिस के अनुसार हत्या के दिन अभिषेक के मोबाइल से राधे और रितिक के मोबाइल नंबरों पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए गए। इन्हीं पैसों से आरी पत्ती, धारदार चाकू, पन्नी और अन्य सामान खरीदा गया, जिनका इस्तेमाल हत्या में किया गया।
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने वारदात से पहले कमरे में पन्नी बिछा दी थी, ताकि खून दूर तक न फैले और बाहर किसी को शक न हो। पुलिस का कहना है कि अभिषेक की गर्दन और पैर काटने में आरोपियों को दो घंटे से भी अधिक समय लगा।
दो लाख की सुपारी, सिर्फ दस हजार एडवांस
भागलपुर एसपी सिटी शुभांक मिश्रा ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। इस दौरान डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि संतोष ने अपने भांजे अभिषेक की हत्या के लिए रितिक, राधे और आयुष नाम के युवकों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपियों के अनुसार संतोष ने उन्हें शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। इसमें से साढ़े पांच हजार रुपये वारदात की तैयारी और सामान खरीदने में खर्च कर दिए गए, जबकि 45 सौ रुपये कैश के रूप में बच गए थे। पुलिस ने यह रकम आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर ली है।
नशे की हालत में दी गई वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों मुख्य आरोपी हत्या के समय ब्राउन शुगर के नशे में धुत थे। घटनास्थल से ब्राउन शुगर के अवशेष और अन्य संबंधित सबूत भी मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे की हालत में ही आरोपियों ने अभिषेक की हत्या की और फिर उसके शरीर के तीन टुकड़े किए। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता मामा संतोष भी शामिल है। पुलिस के अनुसार संतोष ने प्रारंभिक पूछताछ में सहयोग नहीं किया और कई बार भ्रामक जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन अन्य आरोपियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आ गई।
सिर और पैर की बरामदगी, गंगा घाट पर अंतिम संस्कार
रविवार दोपहर नाथनगर पुलिस ने एक अलग लोकेशन से अभिषेक का कटा हुआ सिर और पैर बरामद किया। इससे पहले उसका धड़ बरामद हो चुका था। पुलिस ने परिजनों को इसकी सूचना दी और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। शाम करीब सात बजे कहलगांव स्थित गंगा घाट पर अभिषेक का अंतिम संस्कार किया गया।