'औरंगजेब की कब्र तोड़ने वालों को 5 बीघा जमीन और 11 लाख कैश दूंगा', नागपुर हिंसा के बाद भड़के शिव सैनिक ने कर डाला बड़ा ऐलान
बिट्टू सिखेड़ा ने घोषणा की कि जो भी व्यक्ति औरंगजेब की कब्र को तोड़ेगा, उसे पांच बीघा जमीन और 11 लाख रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे।
- भारत
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Aurangzeb Controversy : क्रूर मुगल शासक औरंगजेब को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद अब उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर तक पहुंच गया है। मंगलवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर सैकड़ों शिवसेना कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसक झड़प के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी कब्र और मुगल शासकों के नाम पर बने स्मारकों को हटाने की मांग उठाई।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने "औरंगजेब मुर्दाबाद, भारत माता जिंदाबाद, जय भवानी, जय शिवाजी" के नारे लगाए और कहा, "औरंगजेब का समर्थन करने वालों को जूते मारो $@%# को, मुल्ला का ना काजी का, देश है वीर शिवाजी का।" प्रदर्शन के बीच कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें मांग की गई कि देश में औरंगजेब सहित सभी विदेशी मुगल शासकों की कब्रें और उनके नाम से बनी सड़कों व स्मारकों के नाम हटाए जाएं।
औरंगजेब की कब्र तोड़ने पर 11 लाख का इनाम- बिट्टू सिखेड़ा
प्रदर्शन के दौरान शिवसेना के जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने एक सनसनीखेज घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति औरंगजेब की कब्र को तोड़ेगा, उसे पांच बीघा जमीन और 11 लाख रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे। इस घोषणा ने प्रदर्शन को और गरमा दिया।
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'नागपुर हिंसा के दोषियों की रद्द हो नागरिकता'
इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री से मांग की कि नागपुर कांड के दोषियों और औरंगजेब का समर्थन करने वाले सभी लोगों की भारतीय नागरिकता रद्द की जाए, उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया जाए और उन्हें पाकिस्तान या बांग्लादेश भेज दिया जाए। यह प्रदर्शन उस समय हुआ जब हाल ही में नागपुर में औरंगजेब को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की खबरें सामने आई थीं। मुजफ्फरनगर में शिवसेना के इस प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को हवा दे दी है।
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औरंगजेब के मकबरे की सुरक्षा बढ़ाई गई
छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब के मकबरे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने राज्य सरकार से मांग की है कि औरंगजेब के मकबरे को हटाया जाना चाहिए।