Swine flu पर ICMR का बड़ा बयान, पैनिक होने की जरूरत नहीं; 2025 का पुराना स्ट्रेन ही है एक्टिव
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ICMR के अनुसार देश में स्वाइन फ्लू का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में फैल रहा वायरस H1N1 pdm09 साल 2025 से ही प्रचलन में है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस मौजूदा सीजनल वैक्सीन से अच्छी तरह नियंत्रित होता है।
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने देश में फैल रहे स्वाइन फ्लू को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगा दिया है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्वरूप या खतरनाक वेरिएंट नहीं पाया गया है। यह केवल एक सामान्य मौसमी वायरल है, जिससे डरने या घबराने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं है।
कौन सा वायरस फैल रहा है?
ICMR के अनुसार, वर्तमान में भारत में H1N1 वायरस ही एक्टिव है। वैज्ञानिक भाषा में यह 'क्लेड 6B.1A.5a2a' और 'सबक्लेड D.3.1.1' से जुड़ा हुआ है। यह वही स्ट्रेन है जो पिछले साल 2025 से प्रचलन में है। राहत की बात यह भी है कि मौजूदा समय में दी जा रही वैक्सीन इस स्ट्रेन से बचाव में पूरी तरह कारगर है।
जानें क्या है बीमारी के लक्षण और इलाज?
मौसमी इन्फ्लूएंजा या H1N1 एक 'सेल्फ-लिमिटिंग' यानी खुद-ब-खुद ठीक होने वाली बीमारी है।
मुख्य लक्षण- तेज बुखार, लगातार खांसी, सिरदर्द और शरीर में थकावट या दर्द होना।
इलाज व देखभाल- अधिकांश लोग केवल पर्याप्त आराम, पौष्टिक आहार और सही देखभाल से ही कुछ दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
किन्हें बरतनी होगी विशेष सावधानी?
हालांकि यह बीमारी सामान्य है, लेकिन जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। यह बच्चों और बुजूर्गों को तेजी से लगती है। इसके अलावा पहले से किसी गंभीर बीमारी जैसे अस्वस्थ फेफड़े, शुगर, हृदय रोग से पीड़ित लोग को भी हो सकते हैं। यदि मरीज के लक्षण लगातार बिगड़ते हैं या कई दिनों तक बुखार बना रहता है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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सरकार और अस्पतालों की क्या है तैयारी?
देश में मौसमी बीमारियों इन्फ्लूएंजा, डेंगू और मलेरिया की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक समीक्षा बैठक की। इसमें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह भी शामिल हुए। बैठक में जानकारी दी गई कि दिल्ली और देश के अन्य हिस्से किसी भी स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड, अनुभवी डॉक्टरों, दवाओं और आवश्यक मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। मरीजों को समय पर जांच और बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है, इसलिए आम जनता को बिना वजह परेशान होने के बजाय केवल सावधानियां बरतनी चाहिए।
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