बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को 10 साल पूरे... PM मोदी ने रख दिया एक और संकल्प, बोले- हम ये तय करें कि...
Beti Bachao Beti Padhao: 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। बुधवार को इस अभियान को 10 साल पूरे हो गए।
- भारत
- 3 min read

Beti Bachao Beti Padhao movement: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को 10 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभियान को एक पहल बनाने के लिए देशवासियों की प्रशंसा की है। साथ ही पीएम मोदी ने इस खास मौके पर देश की जनता के सामने एक और संकल्प रख दिया है।
22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा के पानीपत से भारत में लिंग असंतुलन और घटते बाल लिंग अनुपात को खत्म करने के उद्देश्य से ये अभियान शुरू किया गया, जो समाज में एक बड़ा बदलाव लेकर आया और नतीजन ये लोगों की तरफ से संचालित पहल बन गई। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार की सुबह 'X' पर कई पोस्ट किए, जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जिक्र था। पीएम मोदी ने अपने एक पोस्ट में लिखा- 'आज हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। पिछले एक दशक में ये लोगों की तरफ से संचालित एक परिवर्तनकारी पहल बन गई है और इसने सभी क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी को आकर्षित किया है।'
पीएम मोदी ने अभियान को सफल बताया
पीएम मोदी अपने पोस्ट में लिखते हैं- 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ने लैंगिक पूर्वाग्रहों पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और साथ ही इसने ये सुनिश्चित करने के लिए सही माहौल बनाया है कि बालिकाओं को शिक्षा और अपने सपनों को हासिल करने के अवसरों तक पहुंच मिले। लोगों और विभिन्न सामुदायिक सेवा संगठनों के समर्पित प्रयासों की बदौलत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ने उल्लेखनीय मील के पत्थर हासिल किए हैं। ऐतिहासिक रूप से कम बाल लिंग अनुपात वाले जिलों में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किए गए हैं और जागरूकता अभियानों ने लैंगिक समानता के महत्व की गहरी समझ पैदा की है।'
देशवासियों के सामने नया संकल्प रखा
पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने नया संकल्प रखते हुए कहा- ‘मैं उन सभी हितधारकों की सराहना करता हूं जिन्होंने इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर जीवंत बनाया है। आइए हम अपनी बेटियों के अधिकारों की रक्षा करना जारी रखें, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करें और ऐसा समाज बनाएं जहां वो बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ सकें। साथ मिलकर हम ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि आने वाले साल भारत की बेटियों के लिए और भी अधिक प्रगति और अवसर लेकर आएं।’