चंपत राय की बढ़ेंगी मुश्किलें? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बार एसोसिएशन ने 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग
Ayodhya: अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी। उनकी मांग है कि इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
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Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की मुश्किलें बढ़ गई है। अयोध्या बार एसोसिशन ने चंपत राय के साथपूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनकी मांग है कि इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
गुरुवार (3 जुलाई) बड़ी संख्या में वकील एकजुट हुए। उन्होंने जिला कचहरी से प्रदर्शन किया और थाना राम जन्मभूमि की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान राम पथ पर बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए।
थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा, "पुलिस को हमारी शिकायत मिल गई है और उन्होंने कहा है कि FIR दर्ज की जाएगी। हमारी शिकायत में चार लोगों के नाम हैं। अभी सिर्फ शिकायत दर्ज की गई है; FIR अभी दर्ज नहीं हुई है।"
वकीलों ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का लिया फैसला
इससे पहले फैजाबाद बार एसोसिएशन फैसला लिया था कि चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों का एसोसिएशन के कोई भी वकील नहीं लड़ेंगे। एसोसिएशन ने इस गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा था कि यह सिर्फ कानूनी मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। अगर कोई वकील आरोपियों की पैरवी करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाने की बात भी कही गई थी।
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इस बीच बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एकांतवास में रह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अपने कुछ करीबियों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई है और वह कलंक लेकर नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भरोसे के साथ विश्वासघात हुआ है।
इस बीच, मामले की जांच कर रही SIT की टीम के कार्यकाल को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। SIT ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताई है और ट्रस्ट के हर लेन-देन की बारीकी से जांच करने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पिछले 5 सालों के ऑडिट की भी जांच होगी। अब SIT 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।