UP: 8 साल की मासूम बच्ची की हार्ट अटैक से मौत, स्‍कूल में खेलते-खलते पड़ा दिल का दौरा

Baghpat : बच्ची स्कूल में खेलते खेलते बच्ची अचानक गिर जाती है और कुछ ही पल में उसकी मौत हो जाती है।

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heart attack
बच्ची को आया हार्ट अटैक | Image: Republic

Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत से एक हैरान और परेशान कर देने वाली खबर सामने आई है, यहां एक 8 साल की छोटी बच्ची को हार्ट अटैक आता है और डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देत है। बच्ची स्कूल में खेलते खेलते बच्ची अचानक गिर जाती है और कुछ ही पल में उसकी मौत हो जाती है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपनी मां के घर ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी। बागपत के सरूरपुर कला गांव का ये मामला बताया जा रहा है। 

खबरों से मिली अन्य जानकारी के मुताबिक, बागपत के सरूरपुर कलां गांव के एक स्कूल का ये मामला है। 8 साल की बच्ची फर्स्ट क्लास में पढ़ती थी। बच्ची की मौत के बाद से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़ौत के बिजरौली गांव के रहने वाले संदीप की बेटी अपेक्षा अपनी मम्मी श्वेता के साथ अपने नाना सुभाष के यहां रहती थी। वह पिछले 2 साल से नाना के पास ही रहकर गांव के ही योगीनाथ विद्यापीठ पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। गुरुवार की सुबह वह अपने साथ की बच्चों के साथ स्कूल के प्ले ग्राउंड में खेल रही थी।

मौके पर मौजूद मामा भी नहीं बचा सके 

सुबह करीब साढ़े 11 बजे वह स्कूल के ग्राउंड में गिर पड़ी। मिली जानकारी के मुताबिक इसी अपेक्षा के सीने में दर्द उठा था। इसी बीच उसके मामा वहां पहुंच गए। मामा स्कूल के टीचरों के साथ बच्ची को इलाज के लिए बड़ौत के एक अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, बच्ची की मौत का कारण उन्होंने हार्ट अटैक आना बताया। इसके बाद परिजन बच्ची के शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। कोतवाली प्रभारी डीके त्यागी का कहना है कि बच्ची की मौत हार्ट अटैक से होना बताया जा रहा है। मौत के सही कारणों को जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

सरूरपुर कलां गांव के योगीनाथ विद्यापीठ में अपेक्षा के मामा के बच्चे भी पढ़ते है। जिस समय अपेक्षा अचेत होकर जमीन पर गिरी, तो उसके मामा भी वहां पहुंच गए लेकिन वह उसे नहीं बचा सके। मामा बच्चों की फीस जमा करने स्कूल में ही मौजूद थे, तभी सूचना मिलती है कि कोई बच्ची स्कूल प्रांगन में बेहोश हो गई है। इस सूचना के मिलते ही स्कूल के सभी टीचर दौड़ पड़े। कुछ देर बाद मामा पिंटू नैन भी बच्ची को देखने के लिए पहुंचे। जैसे ही उसे पता चला कि यह तो अपेक्षा है, तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में वह उसे इलाज के लिए लेकर गए,  लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड