अपडेटेड 1 March 2025 at 07:33 IST

Badrinath Avalanche: जोशीमठ में भी बनेगा कंट्रोल रूम, M-17 चॉपर की सहायता से होगा रेस्क्यू, एक्शन में CM धामी

CM धामी ने कहा, PMO, HMO और RMO लगातार स्थिति पर अपडेट ले रहे हैं। रेस्क्यू जारी है, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।

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Avalanche In Badrinath
Avalanche In Badrinath | Image: Meta AI

बद्रीनाथ धाम के करीब माणा गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ, जिसमें 57 मजदूर बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़ों के नीचे दब गए। घटना के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब 33 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री धामी  घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं वो रेस्क्यू ऑपरेशन की भी पल-पल अपडेट ले रहे हैं। सीएम धामी ने दोबारा माणा हिमस्खलन की घटना का देर रात राज्य आपदा परिचालन केन्द्र पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देर रात राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और माणा में रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा, उन्होंने कहा जोशीमठ में भी आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,आईटीबीपी सेना आपसी सहयोग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से करें।

सीएम धामी ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

सीएम धामी ने आगे कहा, फंसे हुए मजदूर अलग-अलग राज्यों से आए हैं, इसलिए हमने उनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। हम बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी सुरक्षित निकल आएं। आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, ITBP, भारतीय सेना, NDRF और SDRF सभी फंसे हुए मजदूरों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। हम मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, बचाए गए मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने के लिए समय का उपयोग करेंगे। जिन श्रमिकों को निकाला गया है उनका विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता से खोले जाने के निर्देश दिए।

M-17 चॉपर की सहायता से होगा रेस्क्यू

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स ऋषिकेश तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निदेश दिए। उन्होंने कहा एम-आई 17 की मदद से घायलों को लिफ्ट करने की भी पूरी तैयारी की जाए। बता दें कि माणा हिमस्खलन में फंसे 57 में से अब तक 32 लोगों को निकाला जा चुका है। जिसमें से 4 लोगों को आईटीबीपी सेना अस्पताल में रखा गया है। बी.आर.ओ स्नो कटर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से निरंतर बर्फ हटाने का कार्य कर रही है। कल सुबह एम आई 17 हेलीकॉप्टर भी माणा क्षेत्र को रवाना होंगे।

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रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर आवागमन सुनिश्चित करने को कहा और समीप के हेलीपैड को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने ड्रोन एवं हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर घायलों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश लाया जाए। जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय बनाए रखने और प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।


हिमस्खलन प्रभावितों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन, वायुसेना और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण हेलीकॉप्टर का संचालन फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन स्नो एक्सपर्ट्स की सेवाएं ली जा रही हैं। आईटीबीपी की विशेष टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हिमस्खलन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। प्रभावित लोगों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है।

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राज्य और केंद्र सरकार में समन्वय

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है और प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री से भी बातचीत हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेस्क्यू अभियान में यदि किसी अतिरिक्त एजेंसी की आवश्यकता होगी, तो उनकी मदद तुरंत ली जाएगी। अब तक 32 लोगों को आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, लेकिन मौसम में सुधार के साथ रेस्क्यू कार्य और तेज किया जाएगा। सभी राहत दलों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया है, और माणा हेलीपैड को भी सक्रिय किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और गोपेश्वर जिला अस्पताल को भी तैयार रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से ली पूरी जानकारी

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से घटना की विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि हिमस्खलन बद्रीनाथ धाम से 6 किमी आगे हुआ, जहां सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत बर्फ हटाने वाले मजदूर मौजूद थे। तुरंत आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुट गईं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 32 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि शेष लोगों को बचाने का अभियान जारी है।

 रात 8 बजे फिर आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे CM

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रात 8 बजे दोबारा आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वे लगातार रेस्क्यू कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों के साथ नियमित स्थिती की समीक्षा कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी एजेंसियां युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, और जल्द ही सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।

दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाईम को कम से कम रखे का निर्देश

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में प्रदेश मे हो रही भारी वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रहे बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए निरन्तर सभी जिलाधिकारियों से समन्वय बनाए रखे जाने के भी निर्देश दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति का त्वरित ढ़ंग से सामना किया जा सके। किसी भी आपदा के दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाईम को कम से कम रखे जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 28 February 2025 at 23:46 IST