Badrinath Avalanche: अभी भी बर्फ के नीचें फंसी 22 जिंदगियां, 33 मजदूरों को बचाया गया, रेस्‍क्यू के लिए एयरफोर्स तैयार

बद्रीनाथ में ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें सड़क निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। जिनमें से 33 लोगों को अभी तक बचाया जा चुका है।

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Badrinath Avalanche
बद्रीनाथ में ग्लेशियर टूटने से हादसा | Image: X/ PTI

Badrinath Avalanche Update: बद्रीनाथ धाम के पास माणा गांव में भारी बर्फबारी के बाद ग्लेशियर टूटने से कल (28 फरवरी) बड़ा हादसा हो गया, जिसमें सड़क निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। राहत की खबर यह है कि अब तक 33 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन अभी भी 22 मजदूरों की सांसें अटकी हुई हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है और मौसम की चुनौती के बावजूद बचाव दल पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं और आज (शनिवार) वह चमोली पहुंचकर स्थिति का जायजा भी लेंगे।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के माणा में हिमस्खलन की घटना के बाद चल रहे बचाव अभियान की समीक्षा के लिए चमोली डीएम के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री धामी शनिवार को बद्रीनाथ धाम आएंगे और घायल मजदूरों का हाल-चाल जानेंगे। बद्रीनाथ धाम में ITBP आर्मी की ओर से चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन का जायजा लेंगे। बद्रीनाथ धाम में मौजूद ITBP, आर्मी की टीम रातभर से रेस्क्यू में लगी है।

ITBP, भारतीय सेना, NDRF और SDRF कर रहे रेस्क्यू  

सीएम धामी ने आगे कहा, फंसे हुए मजदूर अलग-अलग राज्यों से आए हैं, इसलिए हमने उनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। हम बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी सुरक्षित निकल आएं। आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, ITBP, भारतीय सेना, NDRF और SDRF सभी फंसे हुए मजदूरों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। हम मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, बचाए गए मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने के लिए समय का उपयोग करेंगे। जिन श्रमिकों को निकाला गया है उनका विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता से खोले जाने के निर्देश दिए।

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M-17 चॉपर रेस्क्यू के लिए तैयार 

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स ऋषिकेश तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निदेश दिए। उन्होंने कहा एम-आई 17 की मदद से घायलों को लिफ्ट करने की भी पूरी तैयारी की जाए। बता दें कि माणा हिमस्खलन में फंसे 57 में से अब तक 33 लोगों को निकाला जा चुका है। जिसमें से 4 लोगों को आईटीबीपी सेना अस्पताल में रखा गया है। बी.आर.ओ स्नो कटर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से निरंतर बर्फ हटाने का कार्य कर रही है। 

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हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर आवागमन सुनिश्चित करने को कहा और समीप के हेलीपैड को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने ड्रोन एवं हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर घायलों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश लाया जाए। जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय बनाए रखने और प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

Avalanche in Badrinath's Mana village; 57 BRO labourers trapped under snow  - The Tribune
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हेल्पलाइन नंबर जारी

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन, वायुसेना और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण हेलीकॉप्टर का संचालन फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन स्नो एक्सपर्ट्स की सेवाएं ली जा रही हैं। आईटीबीपी की विशेष टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हिमस्खलन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। प्रभावित लोगों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है।

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Rescue operation underway after BRO labourers got trapped under an avalanche, in Chamoli (PTI)
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मौसम में सुधार के बाद तेज होगा रेस्क्यू 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है और प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री से भी बातचीत हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेस्क्यू अभियान में यदि किसी अतिरिक्त एजेंसी की आवश्यकता होगी, तो उनकी मदद तुरंत ली जाएगी। अब तक 32 लोगों को आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, लेकिन मौसम में सुधार के साथ रेस्क्यू कार्य और तेज किया जाएगा। सभी राहत दलों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया है, और माणा हेलीपैड को भी सक्रिय किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और गोपेश्वर जिला अस्पताल को भी तैयार रखा गया है।

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मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से ली पूरी जानकारी

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से घटना की विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि हिमस्खलन बद्रीनाथ धाम से 6 किमी आगे हुआ, जहां सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत बर्फ हटाने वाले मजदूर मौजूद थे। तुरंत आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुट गईं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 32 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि शेष लोगों को बचाने का अभियान जारी है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी 

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में प्रदेश मे हो रही भारी वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रहे बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए निरन्तर सभी जिलाधिकारियों से समन्वय बनाए रखे जाने के भी निर्देश दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति का त्वरित ढ़ंग से सामना किया जा सके। किसी भी आपदा के दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाईम को कम से कम रखे जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड