'पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहां से मांगने वालों की कतार शुरू होती है', बॉर्डर के नजदीक जाकर राजनाथ सिंह ने PAK को औकात दिखाई
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक जाकर उसको उसकी औकात दिखाई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहां से मांगने वालों की कतार शुरू होती है।
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Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक जाकर उसको उसकी औकात दिखाई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहां से मांगने वालों की कतार शुरू होती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहलगाम हमले के बदले में शुरू किए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय सैनिकों से मिलने कश्मीर गए हैं। यहां देश के सैनिकों को रक्षा मंत्री ने उनकी बहादुरी के लिए नमन किया। इसी दौरान उन्होंने पाकिस्तान को भी उसकी औकात दिखाई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा- 'बात पाकिस्तान की, तो उसकी मैं बात ही क्या करूं आपसे। वो देश तो मांगते-मांगते अपनी जहालत से एक ऐसी हालत में आ गया है कि उसके बारे में ये भी कहा जा सकता है कि पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहीं से मांगने वालों की लाइन शुरू होती है। अभी आपने सुना ही होगा कि कैसे वो फिर एक बार IMF के पास कर्ज मांगने गया।' राजनाथ सिंह ने कहा- ‘दूसरी तरफ हमारा देश है कि हम आज उन देशों की श्रेणी में आते हैं, जो IMF को कर्ज देते हैं ताकि IMF गरीब देशों को कर्ज दे सकें।’
पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया- रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा कि पहलगाम में आतंकी घटना को अंदाज देकर भारत के मस्तिष्क पर चोट पहुंचाने की कोशिश की है। भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया। आतंकवादियों ने भारत के माथे पर वार किया तो हमले उनकी छाती पर प्रहार किया है। पाकिस्तान के जख्मों का इलाज इसी बात में है कि भारत विरोधी और आतंकी संगठनों को पनाह देना बंद करें। अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना होने दें। इसी पाकिस्तान ने अटल जी के समय आतंकवाद को लेकर डिक्लियरेशन किया था कि उसकी जमीन से आतंकवाद नहीं भेजा जाएगा। लेकिन पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया और आज भी वो धोखा दे रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर अब आतंकवादी गतिविधियां चलती रहीं तो लगातार बढ़ने वाली हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ दो टूक शब्दों में भारत की नीति को परिभाषित कर दिया है, जो कहती हैं कि हिंदुस्तान की सरजमीं पर किया गया कोई भी आतंकी हमला एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा। फिलहाल का समझौता इसी बात को लेकर है कि सीमापार से कोई बेजा हरकत ना की जाए और अगर की गई तो इस बार बात लंबी जाएगी।