बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में नए किरदार की एंट्री! लॉरेंस बिश्नोई नहीं इस शख्स से हुई थी शूटर्स की बात

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में सामने आया है कि तीन शूटर्स ने बाबा सिद्दीकी की हत्या से पहले कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई से भाई अनमोल बिश्नोई से बात की थी।

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Lawrence Bishnoi and Baba Siddique
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई के भाई का नाम आया। | Image: X

Baba Siddique Murder Case: मुंबई में पिछले दिनों एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस हत्याकांड की एक-एक कड़ी को जोड़ने में लगी है, जिससे मर्डर के पीछे की असल कहानी और उसके सबसे मुख्य किरदार यानी मास्टरमाइंड के पूरे प्लान का पता लग सके। फिलहाल एक खुलासा ये हुआ है कि तीन शूटर्स ने बाबा सिद्दीकी की हत्या से पहले कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई से भाई अनमोल बिश्नोई से बात की थी।

बाबा सिद्दीकी की हत्या को लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ने वाले सबसे मजबूत सुराग में दावा है कि एनसीपी राजनेता की हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटरों ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर के कनाडा में रहने वाले चचेरे भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी। ऐसा संदेह है कि अनमोल ने उन्हें (शूटर्स) ऐप के जरिए सिद्दीकी और उनके बेटे, विधायक जीशान सिद्दीकी की तस्वीरें भेजी थीं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि क्राइम ब्रांच को कुछ ऐसी कॉल्स मिली है, जिन्हें डिलीट नहीं किया गया था।

12 अक्टूबर को हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या, 7 गिरफ्तार

12 अक्टूबर की रात को मुंबई के बांद्रा ईस्ट में बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई थी। वो अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के दफ्तर से जा रहे थे, उसी बीच उन्हें गोलियां मार दी गईं। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में दो संदिग्ध हत्यारे गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप हिरासत में हैं। तीसरा शिवकुमार गौतम, जिसे मुख्य शूटर माना जाता है, फिलहाल फरार है। हालांकि 7 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड की जिम्मेदारी कथित तौर पर बिश्नोई गैंग की तरफ से ली गई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक संदिग्ध सदस्य शुभम लोनकर की तरफ से सोशल मीडिया पोस्ट में गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।

दो शूटर्स से अलावा गिरफ्तार अन्य आरोपियों में नितिन गौतम सप्रे (32) और राम कनौजिया (43) के अलावा संभाजी किसान पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37) और चेतन दिलीप पारधी शामिल हैं। नितिन सप्रे डोंबिवली से है। संभाजी पारधी, प्रदीप थोम्ब्रे और चेतन पारधी ठाणे के अंबरनाथ से हैं। कनौजिया रायगढ़ के पनवेल का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड का साजिशकर्ता शुभम लोनकर और षड्यंत्रकर्ता मोहम्मद जीशान अख्तर है। हालांकि जांच में पता चला कि नितिन सप्रे और राम कनौजिया इस मॉड्यूल के प्रमुख सदस्य हैं। सिद्दीकी की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार इस मॉड्यूल ने शूटर को मुहैया कराए थे।

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राम कनौजिया ने मांगी थी एक करोड़ की सुपारी

पिछले दिनों मुंबई क्राइम ब्रांच ने दावा किया कि राम कनौजिया ने पूछताछ में बताया कि सबसे पहले उस बाबा सिद्दीकी की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। उसके बयान के अनुसार, भगोड़े आरोपी शुभम लोनकर ने सबसे पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट राम कनौजिया को दिया था। कनौजिया ने हत्या को अंजाम देने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की थी। महाराष्ट्र के रहने वाले कनौजिया को बाबा सिद्दीकी की हत्या के परिणाम पता थे, यही वजह है कि वो ठेका लेने से हिचकिचा रहा था। इसके चलते उसने काम के लिए एक करोड़ रुपये मांगे। इसके बाद शुभम लोनकर ने राम कनौजिया को काम पर रखने के बजाय उत्तर प्रदेश के शूटरों को चुना।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, राम कनौजिया ने आगे खुलासा किया कि शुभम लोनकर को पता था कि उत्तर प्रदेश के लोग महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी के कद या प्रतिष्ठा के बारे में पूरी तरह से नहीं जानते होंगे। इसलिए वो कम कीमत पर हत्या को अंजाम देने के लिए सहमत हो गए। जब ​​राम कनौजिया और नितिन सप्रे पीछे हट गए, तो शुभम ने उत्तर प्रदेश के धर्म राज कश्यप, गुरनैल सिंह और शिवकुमार गौतम को इस काम के लिए चुना।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड