अपडेटेड 2 January 2026 at 12:06 IST

Ayushman Bharat Yojana: नए साल पर आयुष्मान भारत योजना में बड़ा बदलाव, जानें क्या है HEM 2.0? सिर्फ इन लोगों को मिलेगा मुफ्त इलाज

नए साल में आयुष्मान भारत योजना को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। जिसमें अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन HEM 2.0 पर अनिवार्य होगा, मरीजों को इलाज से पहले अस्पताल की वैधता चेक करनी होगी। नहीं तो मुफ्त इलाज नहीं मिल सकेगा।

Follow : Google News Icon  
Ayushman Bharat Scheme
आयुष्मान भारत योजना | Image: @AyushmanNHA on X

PMJAY New Rules: नए साल से आयुष्मान भारत योजना की व्यवस्था बदलने जा रही है। आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना में तकनीकी निबंधन को लेकर कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, जिसमें अस्पतालों का निबंधन यानी रजिस्ट्रेशन नये सिरे से लिस्ट किया जाएगा। इससे मरीजों के इलाज के तरीकों में कोई अंतर नहीं होगा, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन न्यू एचइएम (हॉस्पिटल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल) 2.0 पर मान्य होना जरूरी होगा।

नया सिस्टम लागू होने के बाद अस्पतालों को अब ऑफिशियल तौर पर अपडेट किये गये पोर्टल (एचइएम 2.0) का इस्तेमाल करके पंजीकरण या इम्पैनलमेंट कराना है। अस्पताल पंजीकरण और संबंधित प्रक्रिया नये पोर्टल के से पूरी की गयी है। यह वेब आधारित पोर्टल स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को आसानी से जुड़ने में मदद करेगा। National Health Authority ने इस बदलाव की जानकारी पहले ही अस्पतालों को दे दी थी। यह कदम प्रक्रिया को और ज्यादा सुरक्षित, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए उठाया गया है।

HEM 2.0 क्या है और क्यों जरूरी?

एचईएम 2.0 एक वेब-आधारित पोर्टल है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को योजना से जुड़ने में आसानी प्रदान करता है। पुराने सिस्टम से माइग्रेशन के बाद, सभी अस्पतालों को नए पोर्टल पर फिर से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। एनएचए के अधिकारी बताते हैं कि यह बदलाव कागजी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करेगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। 

मरीजों पर क्या असर पड़ेगा?

मरीजों को सलाह दी जाती है कि इलाज शुरू करने से पहले आयुष्मान भारत ऐप या वेबसाइट पर अस्पताल की स्थिति जांच लें। अगर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन एचईएम 2.0 पर नहीं है, तो योजना के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। बतादें यह योजना गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज प्रदान करती है।

Advertisement

बदलाव से योजना की पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन अस्पतालों को समय पर अनुपालन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह तकनीकी अपडेट योजना को मजबूत बनाएगा। ज्यादा जानकारी के लिए एनएचए की वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाएं और फर्जी खबरों से बचें।

यह भी पढ़ें: इस बैक्टीरिया की वजह से इंदौर में लोगों की हुई मौत, रिपोर्ट में खुलासा

Advertisement

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 2 January 2026 at 12:06 IST