Ayodhya में VIP दर्शन और प्रसाद के नाम पर हो रही ठगी, राम मंदिर प्रसाद के लिए फ्री बुकिंग की डिटेल्स
Ayodhya ka Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा का प्रसाद लेने के लिए लोग ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ स्कैम हो जा रहा है। जानें कहां बुकिंग कर सकते हैं।
- भारत
- 2 min read

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) 22 को होने जा रहा है, जिसमें महज 4 दिनों का समय ही रह गया है। एक तरफ देशभर में लोग इस महाउत्सव की तैयारी कर रहे हैं तो वहीं स्कैम के भी कुछ मामले सामने आ रहे हैं। लोग फ्री प्रसाद बुकिंग, VIP दर्शन या फिर दान हो, लोगों के साथ स्कैम के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में आपके लिए ये जनाना जरुरी है कि कौन सी वेरीफाइड वेबसाइट है, जहां से आप ऑनलाइन प्रसाद की बुकिंग करा सकते हैं।
खबर में आगे पढ़ें:
- केवल यहां करें दान और प्रसाद के लिए बुकिंग
- अन्य वेबसाइटों पर जाकर ना करें बुकिंग
- फ्रॉड करने वालों से बचें
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का प्रसाद पाने की लालसा सभी श्रद्धालुओं के मन में है। ऐसे में जिसे भी कहीं जानकारी मिल रही है कि प्रसाद वो भी मुफ्त में मिल सकता है, तो सभी बुकिंग करने में लगे हुए हैं। लेकिन इसी तरह कई लोगों के साथ धोखाधड़ी भी हो रही है। कई लोगों के साथ VIP दर्शन के नाम पर धोखा हो रहा है।
खादी ऑर्गेनिक पर बिना किसी फ्रॉड के प्रसाद की करें बुकिंग
हाल ही में खादी ऑर्गेनिक की ओर से कहा गया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का प्रसाद मुफ्त में आपतक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए https://khadiorganic.com/ वेबसाइट पर आपको जाकर बुकिंग करनी होगी। प्रसाद बिल्कुल मुफ्त है लेकिन आपको डिलिवरी चार्ज के तौर पर 50 रुपए देना होगा। बिहार खादी की ब्रांड एंबेसडर मैथिली ठाकुर ने भी इसकी जानकारी दी थी।
Advertisement
खादी ऑर्गेनिक ने रोकी बुकिंग
राम मंदिर के प्रसाद की मांग इतनी ज्यादा हो रही थी कि खादी ऑर्गेनिक को ऑनलाइन बुकिंग रोकनी पड़ी। खादी ऑर्गेनिक ने वेबसाइट पर इसकी जानकारी भी साझा की है।
केवल राम मंदिर ट्रस्ट के अकाउंट पर ही करें दान
राम मंदिर के निर्माण के लिए अगर आप दान करना चाहते हैं तो इसके लिए अयोध्या राम मंदिर के निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के आधिकारिक अकाउंट में ही करें। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर के समर्पण निधि वाले अकाउंट में दिसंबर तक 3,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा हुआ है।