सरकार जांच कर सकती है, लेकिन हम असलियत जानते हैं: पत्नी के आईएसआई से संबंध के आरोप पर गोगोई
गोगोई की पत्नी कोलबर्न के कथित आईएसआई संबंधों को लेकर विवाद के बीच सीआईडी द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद एसआईटी का गठन किया गया है।
- भारत
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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को कहा कि असम सरकार उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ कथित संबंधों के मुद्दे पर कोई भी जांच करा सकती है, लेकिन वह और उनकी पार्टी जानती है कि असलियत क्या है। गोगोई ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने इस संबंध में भाजपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एआईसीसी के साथ चर्चा की है और जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ ही भाजपा लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के आईएसआई के साथ कथित संबंधों को लेकर हमलावर है।
इस बीच, मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने भारत के आंतरिक मामलों पर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के लिए पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के खिलाफ मामले की जांच के लिए सोमवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। गोगोई की पत्नी कोलबर्न के कथित आईएसआई संबंधों को लेकर विवाद के बीच सीआईडी द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। गोगोई ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री हर दिन अपना रुख बदल रहे हैं लेकिन 'हम पहले दिन से ही स्पष्ट हैं और जानते हैं कि हमारा रुख क्या है।' कांग्रेस नेता ने कहा, 'इससे पहले मुख्यमंत्री ने मुझ पर हमला किया था और मैं खलनायक था। लेकिन कल से उन्होंने मुझे पीड़ित बना दिया है।'
कांग्रेस अपने रुख पर अडिग हैः गोगोई
शर्मा ने रविवार को कहा था कि विपक्षी नेता को किसी बड़ी भारत विरोधी साजिश में फंसाया या ब्लैकमेल किया गया हो सकता है। गोगोई ने कहा, 'कांग्रेस अपने रुख पर अडिग है। हमें अपनी स्थिति पर पूरा भरोसा है। अगर वे जांच करना चाहते हैं, तो वे आगे बढ़ सकते हैं।' उन्होंने कहा कि सरकार ने जांच कराने का निर्णय लिया है, लेकिन प्रशासन को राज्य की जनता को जवाब देना होगा। गोगोई ने दावा किया कि ऐसे आरोप लगाकर शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाई जा रही है क्योंकि उन्हें 2026 का राज्य विधानसभा चुनाव हारने का डर है।
अब्दुल बासित के साथ हुई बैठक का भी किया जिक्र
एक सवाल के जवाब में गोगोई ने कहा, 'भाजपा के आरोप पर एआईसीसी कानूनी प्रकोष्ठ के साथ प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।' पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त अब्दुल बासित के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर गोगोई ने कहा, 'भारतीय लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में मैंने जो काम किया तथा विभिन्न देशों के राजदूतों और राजनयिकों के साथ बैठकों से संबंधित सभी चीजें सार्वजनिक रूप से सामने हैं।' उन्होंने कहा कि मीडिया ने भी उस विशेष बैठक के बारे में रिपोर्ट की थी जिसका उल्लेख किया गया है।
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गोगोई का पीएम मोदी पर तंज
गोगोई ने कहा, 'वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने (पाकिस्तान में) बिरयानी खाई और मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था : सुखद हाव-भाव। 2016 में प्रधानमंत्री ने आईएसआई को पठानकोट (आतंकवादी हमले की जांच के लिए) आमंत्रित किया। कुछ साल बाद मध्य प्रदेश में (भाजपा) आईटी सेल के सदस्यों को आईएसआई से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उच्च-स्तरीय सरकारी अधिकारियों के बेटों के पाकिस्तानी नागरिकों के साथ व्यापारिक संबंध हैं। क्या (इन मामलों में) कोई एसआईटी गठित की गई थी?'
असम में हर कोई भयभीत
गोगोई ने कहा कि वह भाजपा द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब तभी देंगे जब मुख्यमंत्री अपने करीबी सहयोगियों के खिलाफ दायर विभिन्न जनहित याचिकाओं के बारे में लोगों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे। कांग्रेस नेता ने दावा किया, 'हर कोई यह सवाल पूछ रहा है: मुख्यमंत्री ऐसा (गोगोई पर हमला) क्यों कर रहे हैं? और हर कोई एक ही निष्कर्ष पर पहुंच रहा है कि वह असुरक्षित महसूस कर हैं तथा कांग्रेस और असम के लोगों से डरते हैं।'
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12 महीने बाद होंगे असम में चुनाव
गोगोई ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को डर है कि अब से 12 महीने बाद असम में चुनाव होंगे और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि सांसद और उनकी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोप राज्य में भाजपा सरकार की 'विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए राजनीति से प्रेरित औ बदनाम करने वाला एक अभियान है।'