शराब घोटाले में CM केजरीवाल को भी मिल जाएगी जमानत? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अगर मामला लंबा चलेगा तो...
Delhi News: दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को आज भी सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली।
- भारत
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Delhi News: दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को आज भी सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। 7 मई को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव के चलते अगली सुनवाई में अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मंगलवार को सुबह 10.30 बजे सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि अगर ये मामला लंबा चलेगा तो हम अंतरिम जमानत पर विचार करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा कि क्या केजरीवाल अभी भी फाइल पर हस्ताक्षर कर सकते है? इस पर ED को जवाब देना है।
कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
ED की ओर से ASG SV राजू ने दलीलें शुरू की, लेकिन राजू को बीच में टोकते हुए कोर्ट ने ईडी से कई सवाल पूछे कि आपके पास मटेरियल क्या हैं, जिनसे गिरफ्तारी अनिवार्य हो। इससे पहले जस्टिस संजीव खन्ना ने केजरीवाल के वकील सिंघवी से पूछा कि दिल्ली में चुनाव कब होने हैं? सिंघवी ने कहा कि 25 मई को दिल्ली में चुनाव होने हैं। उसके 48 घंटे पहले प्रचार बंद हो जाएगा।
जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि विश्वास करने का कारण अब आईपीसी में परिभाषित किया गया है और आयकर अधिनियम में हम जो उपयोग करते हैं, ये उससे अलग है तो सामग्री कब्जे में होनी चाहिए। एएसजी राजू ने कहा कि सभी सामग्री का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हां, आप इस मामले में सही हो सकते हैं लेकिन गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को अपने कब्जे में सामग्री रखनी होती है। इसका मतलब होगा कि पूरी सामग्री कब्जे में है, न कि आंशिक सामग्री। जांच अधिकारी के विवेक को पूरी सामग्री पर लागू किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने ED से पूछे सवाल
ED की तरफ से ASG राजू ने कहा कि जांच अधिकारी का ये विशेषाधिकार होता है कि आरोपी के खिलाफ उपलब्ध सामग्री पर गिरफ्तार किया जाए या नहीं। रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री में वह सामग्री भी शामिल होगी जो यह अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण है कि रिमांड की याचिका स्वीकार करते समय अदालत द्वारा की जाने वाली जांच की प्रकृति क्या है और विश्वास करने के कारण क्या हैं?
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ASG राजू ने कहा- 'गिरफ्तारी सिर्फ जांच अधिकारी की राय नहीं है। इसकी पुष्टि मजिस्ट्रेट ने भी की है, जिसे कोर्ट ने भी परखा है। इस मामले में एक पहलू यह भी है कि गिरफ्तारी से पहले केजरीवाल ने अंतरिम राहत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। केजरीवाल ने अग्रिम जमानत याचिका नहीं दायर की है।'
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। ED के हिसाब से पार्टी अगर मुख्य आरोपी है तो एक ही मामले में दो प्राइम आरोपी नही हो सकते। अभी तक सीबीआई ने केजरीवाल के खिलाफ कोई करवाई नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा, "अगर AAP पार्टी मुख्य आरोपी है तो क्या आप AAP के खिलाफ न्यायिक कार्यवाही शुरू होने तक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही कर सकते हैं?"