एंटीलिया बम कांड: पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और प्रदीप शर्मा समेत 10 आरोपियों पर NIA कोर्ट ने किए आरोप तय, अब चलेगा मुकदमा
मुंबई की विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एसयूवी में मिले विस्फोटकों के मामले में 10 लोगों पर आरोप तय किया है। इसमें पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और प्रदीप शर्मा का नाम भी शामिल है।
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विशेष NIA कोर्ट ने मुंबई के बहुचर्चित एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरन हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे समेत 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद अब इनके खिलाफ मुकदमा चलेगा अदालत ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए, हत्या, आपराधिक साजिश, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।
मुंबई की विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एसयूवी में मिले विस्फोटकों के मामले में 10 लोगों पर आरोप तय किया है। इस फैसले के बाद इस संवेदनशील मामले में ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में के तहत आरोप तय किए हैं।
एंटीलिया के बाहर स्कॉर्पियो में मिला था विस्फोटक
बता दें कि यह मामला 25 फरवरी 2021 का है। उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। जिसके बाद हड़कंप मच गया था। सुरक्षा को लेकर मुंबई पुलिस सवालों के घेरे में थी, कुछ दिनों बाद उसी वाहन के मालिक मनसुख हिरन का शव मिला था। जिसके बाद मामला और गरमा गया था।
सचिन वाझे, प्रदीप शर्मा समेत 10 पर आरोप तय
मामले की जांच का जिम्मा NIA को सौंपा गया, क्योंकि इसमें आतंकी साजिश के भी तार जुड़े थे। जांच एजेंसी एनआईए ने दावा किया था कि मनसुख हिरन की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। इस साजिश में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, प्रदीप शर्मा और अन्य आरोपियों की भूमिका बताई गई थी।
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NIA के अनुसार, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एसयूवी खड़ी कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस साजिश का मकसद अमीर और प्रभावशाली लोगों में डर पैदा करना और उनसे उगाही करना था। अब आरोप तय होने के बाद इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई शुरू होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य अदालत के सामने पेश करेगा।
NIA ने चार्जशीट कब दाखिल की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 3 सितंबर 2021 को विशेष NIA अदालत, मुंबई में लगभग 10,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कुल 10 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
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पूरी घटनाक्रम -
- 17 फरवरी 2021: कारोबारी मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियो कथित रूप से चोरी हुई।
- 18 फरवरी 2021: मनसुख हिरेन ने विक्रोली पुलिस थाने में वाहन चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
- 25 फरवरी 2021: दक्षिण मुंबई में एंटीलिया के बाहर विस्फोटक जिलेटिन स्टिक और धमकी भरे पत्र के साथ स्कॉर्पियो बरामद हुई।
- 26–27 फरवरी 2021: जांच शुरू हुई। बाद में NIA को संदेह हुआ कि शुरुआती जांच में गड़बड़ियां हुईं।
- 5 मार्च 2021: मनसुख हिरेन का शव ठाणे की खाड़ी में मिला। मामला हत्या में बदल गया।
- 8 मार्च 2021: केंद्र सरकार ने एंटीलिया और मनसुख हिरेन हत्या मामले की जांच NIA को सौंप दी।
- 13 मार्च 2021: NIA ने मुंबई पुलिस के तत्कालीन API सचिन वाझे को गिरफ्तार किया।
- अप्रैल–जून 2021: कई पुलिस अधिकारियों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया।
- 3 सितंबर 2021: NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की।